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गोरखपुर से ग्राउंड रिपोर्ट: सोनिया के ग्रेट रोड शो के बाद राहुल गांधी का फ्लाप शो

आवेश तिवारी | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST

यूपी के पूर्वांचल का महत्वपूर्ण जिला गोरखपुर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का रोड शो ख़त्म हो चुका है. यूपी में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू हुई राहुल गांधी की किसान यात्रा के दूसरे दिन आयोजित इस रोड शो में सिर्फ राहुल गांधी ही शो मैन की तरह अकेले खुली गाड़ी में जनता को अभिवादन करते नजर आये.

न केवल यूपी बल्कि दिल्ली के बड़े नेताओं की नामौजूदगी भी चौंकाने वाली रही. अगर तुलनात्मक दृष्टि से देखा जाए तो राहुल गांधी का रोड शो ,उनकी मां और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पिछले दिनों बनारस में हुए रोड शो के सामने फीका रहा. महज तीन-चार हजार की भीड़ के साथ योगी आदित्यनाथ के गढ़ में राहुल ने अपने रोड शो को महज डेढ़ घंटे में खत्म कर दिया.

नजर आया कांग्रेस और प्रशांत किशोर का कुप्रबंधन

रोड शो के पहले राहुल गांधी ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में इन्सेफेलाईटिस से पीड़ित बच्चों के बीच कुछ समय बिताया, वहां से निकलते वक्त जब पत्रकारों ने राहुल गांधी से यह सवाल पूछा कि आपको इन बच्चों की स्थिति के बारे में क्या कहना है? तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं का अभाव है, केंद्र सरकार को पूंजीपतियों के बजाय किसानों का कर्ज माफ कर देना चाहिए.'

2500 किलोमीटर के इस रोड शो के शुरुआती दौर से यह साफ झलकने लगा है कि कांग्रेस पार्टी और खुद प्रशांत किशोर ने इस पूरे कार्यक्रम की रिहर्सल ठीक से नहीं की है. गोरखपुर के स्थानीय नेता भी इस बात को मानते हैं कि राहुल गांधी की खाट सभाओं और अब रोड शो में भीड़ जुटाने में नाकामी की एक बड़ी वजह कांग्रेस पार्टी का कुप्रबंधन है. गोरखपुर शहर के एक बड़े कांग्रेसी नेता नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि गुटबाजी की वजह से कई इलाकों में पोस्टर तक नहीं लग पाए, आम जनता को पता ही नहीं चला कि राहुल गांधी गोरखपुर आ रहे हैं.

मरीजों पर भारी पड़ी राहुल की सुरक्षा

गोरखपुर मेडिकल कालेज में उस वक्त बेहद विचित्र स्थिति पैदा हो गई जब राहुल गांधी के आने से पहले प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इन्सेफेलाइटिस वार्ड के दरवाजों को बंद कर दिया, जिस वक्त वार्ड को बंद किया गया उस वक्त वार्ड में तकरीबन 250 बच्चे मौजूद थे जिनमे से कई के परिजन बाहर उनके लिए दूध या दवा लाने गए थे.

काफी समय बीत जाने के बाद अस्पताल के मुख्यद्वार पर स्थिति बेहद खराब हो गई, कई महिलाओं-पुरुषों को जिनके बच्चों की हालत खराब थी रोते चीखते देखा गया. वही कई लोग सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए. महराजगंज की राधा जिनका बच्चा अकेले था कहने लगी कि मैं बच्चे का इंजेक्शन लाने गई थी मेरा बच्चा मर जाएगा अगर देर हुई तो उसको न राहुल गांधी बचा पायेंगे न उनकी सुरक्षा करने वाले.

गौरतलब है की राहुल गांधी के दौरे के महज थोड़ी देर पहले इन्सेफेलाइटिस वार्ड में एक बच्चे की मौत हो गई थी. आश्चर्यजनक तथ्य यह था कि राहुल गांधी के दौरे के दौरान कई लोग गहन चिकित्सा कक्ष में मरीजों के बिस्तरों पर इसलिए खड़े हो गए थे कि वो खिड़की से राहुल गांधी को देख सकें.

बिखरी ताकत के साथ किसान यात्रा

राहुल गांधी ने गोरखपुर के रोड शो के बाद सहजना की दलित बस्ती में दोपहर का भोजन किया. उसके बाद उसी गांव में ग्रामीणों से मुलाक़ात कर आगे के लिए निकल पड़े. इस रोड शो को मीडिया की व्यापक कवरेज मिल सके इसके लिए कांग्रेस ने व्यापक इंतजाम किया है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कांग्रेस पार्टी ने अपनी पूरी शक्ति प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बिखेर दी है.

इसका नतीजा यह हुआ है कि गुलाम नबी आजाद, शोभा ओझा, आरपीएन सिंह इत्यादि मुट्ठी भर नेताओं को छोड़कर भीड़ को खींचने और राहुल के साथ खड़े होकर जनता को आंदोलित करने वाले नेताओं की कमी साफ नजर आ रही थी. आगे की किसान यात्रा कैसी रहेगी यह बात भविष्य के गर्त में है लेकिन एक बात जरूर हुई है कि पार्टी ने मंगलवार को रुद्रपुर में हुई खटिया लूट के बाद हर सभाओं में मंच से यह ऐलान करना शुरू कर दिया है कि कृपया खटिया न ले जाएं लिहाजा इस बार खटिया बची रह गई.

First published: 8 September 2016, 7:51 IST
 
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