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ISRO को बड़ा झटका, GSAT-6A संचार उपग्रह से टूटा संपर्क

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 April 2018, 13:36 IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसांधन संगठन (ISRO) द्वारा छोड़े गए  GSAT-6A संचार उपग्रह का इसरो से संपर्क टूट गया है. इसरो ने भी इस बात की पुष्टि की. इस इस उपग्रह को गुरुवार को अंतरिक्ष में भेजा था, लेकिन करीब 48 घंटे बाद शनिवार को इसका संपर्क इसरो से टूट गया.

इसरो ने एक बयान में कहा है कि सफलतापूर्वक काफी देर तक फायरिंग के बाद जब सैटलाइट तीसरे और अंतिम चरण के तहत 1 अप्रैल 2018 को सामान्य ऑपरेटिंग की प्रक्रिया में था, इससे हमारा संपर्क टूट गया. सैटलाइट GSAT-6A से दोबारा लिंक के लिए लगातार कोशिश की जा रही है.

खबरों के मुताबिक पावर सिस्टम फेल होने की वजह से GSAT-6A का इसरो से संपर्क टूटा है. बता दें कि इस उपग्रह को GSLV-F08 लॉन्चपैड के जरिए लॉन्च किया गया था. इसका वजन 2,140 किलो है. पहला ऑर्बिट ऑपरेशन शुक्रवार सुबह 9.22 पर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया था. ऑर्बिट के झुकाव के अलावा उपग्रहों के पृथ्वी के निकटतम और सबसे दूर के बिंदुओं को बदलने की प्रक्रिया भी पूरी हो गई थी.

बता दें कि GSAT- 6A एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट है और इसको तैयार करने में 270 करोड़ रुपये की लागत आई है. यह उपग्रह बेहद सुदूर क्षेत्रों में भी मोबाइल संचार में मदद करेगा. साथ ही सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम को और भी बेहतर बनाएगा. मुख्य तौर पर इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के लिए किया जाना है.

श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था GSAT- 6A

GSAT- 6A को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से गुरुवार शाम 4.56 बजे प्रक्षेपित किया गया था. रॉकेट प्रक्षेपण के करीब 17 मिनट बाद जीसैट-6ए उपग्रह को कक्षा में स्थापित कर दिया गया था. इसरो के मुताबिक, रॉकेट के दूसरे चरण में इस बार दो सुधार किए गए हैं, जिसमें उच्च गति के विकास इंजन और इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्ट्यूएशन सिस्टम (विद्युत प्रसंस्करण प्रणाली) शामिल है. इसरो ने कहा था कि जीसैट-6ए उपग्रह जीसैट-6 उपग्रह के समान हैं.

First published: 1 April 2018, 13:37 IST
 
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