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जीएसटी बिल पर झुकी भाजपा, राज्यों के साथ कांग्रेस की मांगें मानी और बिल में शामिल किया

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 July 2016, 10:47 IST

केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) संविधान संशोधन विधेयक में राज्यों और कांग्रेस की मांगों को मानते हुए कुछ बदलावों को मंजूरी दे दी. बुधवार को इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिए गए. इसके अंतर्गत राज्यों पर एक प्रतिशत अतिरिक्त विनिर्माण कर लगाने संबंधी प्रावधान को भी वापस ले लिया गया.

मंत्रिमंडल ने इस बात पर भी हामी भर दी कि जीएसटी अमल में आने के पहले पांच वर्षों के दौरान राज्यों को राजस्व नुकसान की भरपाई की गारंटी दी जाएगी. 

इतना ही नहीं संसोधन विधेयक में यह भी प्रावधान किया जाएगा कि जीएसटी लागू होने पर केंद्र और राज्यों के बीच विवाद की सूरत में मामला जीएसटी काउंसिल में जाएगा और वहीं पर इसका अंतिम फैसला लिए जाएगा. काउंसलि में केंद्र और राज्य के प्रतिनिधि होंगे.

चूंकि कांग्रेस के विरोध की वजह से यह बिल राज्यसभा में अटका हुआ था इसलिए भाजपा ने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगों में से एक कि एक प्रतिशत अंतर्राज्यीय कर को खत्म कर दिया जाए, मान लिया है. हालांकि विपक्षी पार्टी की अन्य दो मांगों पर फिलहाल को निर्णय नहीं लिया गया है. 

बिल में किए गए इन बदलावों पर अब राज्यों की स्वीकृति होने के साथ ही इन संशोधनों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी पर इसके राज्यसभा में पास किए जाने की उम्मीद है.

सरकार उम्मीद जता रही है कि आगामी 12 अगस्त को समाप्त होने वाले मानसून सत्र से पहले ही इस विधेयक को पारित करा लिया जाएगा. 

First published: 28 July 2016, 10:47 IST
 
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