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पीएम मोदी: जीएसटी का मतलब ग्रेट स्टेप्स बाय टीम इंडिया, कंज्यूमर इज किंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2016, 10:26 IST
(लोकसभा टीवी)

लोकसभा ने भी वस्तु एवं सेवा कर संविधान संशोधन बिल पर मुहर लगा दी है. बिल पर वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस में हिस्सा लिया. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जीएसटी बिल का मतलब ग्रेट स्टेप्स बाय टीम इंडिया है.

पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि यह बिल साबित करेगा कि आखिरकार कंज्यूमर ही किंग होगा. बिल देश की गरीबी से लड़ने के लिए गरीबों की फौज की मदद करेगा. इसलिए बिल के तहत गरीबों के काम आने वाली चीजों को कर के दायरे से बाहर रखा जा रहा है.

सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी संविधान संशोधन बिल को चर्चा के लिए पेश किया. जेटली ने इस बिल को राज्यसभा में पास कराने के लिए सभी पार्टियों का शुक्रिया जताया.

पढ़ें: आर्थिक सुधार का अगला अध्याय, राज्यसभा में पारित हुआ जीएसटी संविधान संशोधन बिल

पीएम का लोकसभा में संबोधन

  • जीएसटी बिल पर आम सहमति के लिए सभी दलों का हार्दिक धन्यवाद.
  • टैक्स टेररिज्म से मुक्ति की दिशा में अहम कदम है जीएसटी बिल.
  • 90 राजनीतिक दलों ने मंथन कर हमें यहां तक पहुंचाया.
  • जीएसटी बिल पर कामयाबी पर पहले की सभी सरकारों का भी बड़ा योगदान है.
  • जीएसटी बिल पर कौन जीता या कौन हारा का सवाल व्यर्थ है.
  • जीएसटी का मतलब 'ग्रेट स्टेप टुवार्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन' और 'ग्रेट स्टेप टुवार्ड्स ट्रांसपेरेंसी' इन इंडिया.
  • यह सही है कि किसी राजनीतिक दल ने इसका विचार किया और कई राजनीतिक दलों ने इसमें सुधार किया.
  • एक देश में, एक मंच, एक मत, एक मंत्र और एक कर बन कर उभरा है जीएसटी बिल.
  • राज्यसभा में वोटिंग में हम अंकगणित में कमजोर होते हुए सबकी मदद से आगे बढ़े.
  • राज्यों का केंद्र पर भरोसा बढ़ा. लोकतंत्र की जीत है यह. यह सिर्फ बहुमत की नहीं सहमति की यात्रा है.
  • जीएसटी बिल को हममें से किसी ने भी राजनीतिक मत को शिकार न होकर राष्ट्रनीति को महत्व दिया.
  • शिकायतों के बावजूद सभी दलों ने आगे बढ़कर देश की भलाई को लेकर अहम कदम उठाया.
  • हम जीएसटी पर बहुमत के आधार पर नहीं आम राय के आधार पर आगे बढ़ना चाहते थे.
  • जीएसटी बिल का मतलब कंज्यूमर इज किंग.
  • इस बिल की वजह से छोटे उत्पादकों को सुरक्षा की गारंटी मिलेगी.
  • कंज्यूमर की मजबूती से ही देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी.
  • मैन, मशीन, मैटेरियल, मनी और मिनट्स के समुचित इस्तेमाल से अवसरों की बाढ़ आएगी.
  • जीएसटी बिल से करों में एकरूपता आएगी.
  • देश में हर राज्य एक-दूसरे से जुड़े होकर ही कारोबार करते हैं.
  • राज्यों के बीच में होने वाली कारोबारी कठिनाइयों को दूर करने में जीएसटी बिल से मदद मिलेगी.
  • एक कर से देश के राज्यों की आय बढ़ेगी.
  • देश के पूर्वी राज्यों को आगे बढ़ाकर ही हम एक साथ मजबूत हो सकेंगे.
  • देश के सपनों को पूरा करने में हमें गति मिलेगी.
  • हम पश्चिमी देशों की तरक्की के मुकाबले में आ सकेंगे.
  • जीएसटी बिल लागू होने के बाद आम जनता इसका अधिक फायदा उठा पाएगी.
  • केंद्र और राज्य के संघीय ढांचे में भरोसा होना सबसे बड़ी चीज.
  • गरीबों के काम आने वाली फूड और दवाओं की तमाम चीजें जीएसटी के दायरे से बाहर.
  • रेवेन्यू और फिस्कल डेफिसिट में संतुलन लाने में भी मदद करेगी जीएसटी बिल.
  • ग्रोथ, इन्फ्लेशन और ब्याज दरों को लेकर होने वाली चर्चाओं का कानूनन समाधान होगा.
  • रिजर्व बैंक से कहा गया है कि महंगाई दर को 4 फीसदी तक रोकें.
  • देश में गरीबी के खिलाफ लड़ने की इच्छा हम सबकी है.
  • जीएसटी बिल की मदद से गरीबों की फौज खुद कोशिश कर गरीबी से बाहर आ सकती है.
  • महंगाई दर स्थिर होने से देश का विकास होगा. छोटे कारोबारियों को लोन लेने में मदद मिलेगी.
  • जीएसटी बिल की वजह से सहज धन आएगा तो मैन्यूफैक्चरिंग की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.
  • प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तो देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. इससे बड़े पैमाने पर गरीबी खत्म होगी.
  • जीएसटी बिल की सबसे बड़ी ताकत है टेक्नोलॉजी. इसकी मदद से भ्रष्टाचार खत्म किया जा सकेगा.
  • भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए व्यवस्था में परिवर्तन जरूरी.
  • हमारे यहां कच्चा बिल, पक्का बिल के फासले को खत्म किया जा सकेगा.
  • टैक्स कलेक्शन में लगी बड़ी फौज कम होगी. इससे बचा खर्च गरीबी से लड़ने में लगाई जा सकेगी.
  • जीएसटी बिल की वजह से उत्पादकों को मुनाफा मिलेगा.
  • इससे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा और काला धन पर रोकथाम के लिए मदद मिलेगी.
  • जीएसटी बिल को 16 से अधिक राज्य जल्दी ही पास करें.
  • जीएसटी बिल पर कई संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने की जरूरत.
  • लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में भारत के राजनीतिक दलों की मैच्योरिटी दिखी.
  • हमारी सरकार के सौ हफ्ते से ज्यादा समय हुए.
  • जीएसटी को सहमति से पास करने का श्रेय सभी सदस्य को जाता है.

1991 के बाद दूसरा बड़ा आर्थिक सुधार

जीएसटी को आर्थ‍िक मोर्चे पर मोदी सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी बताया जा रहा है. जेटली ने इसे पिछले एक दशक का सबसे बड़ा इकोनॉमिक रिफॉर्म करार दिया था.

जीएसटी बिल पर लगभग सभी राजनीति दलों ने अपना समर्थन जताया है. 1991 के बाद इसे सबसे बड़े आर्थिक सुधारों की शुरुआत माना जा रहा है. 

पढ़ें: जीएसटी को मनी बिल और फाइनेंस बिल के रूप में पेश करने में क्या अंतर है?

बिल पेश करते हुए जेटली ने कहा कि 2011 में लाए गए जीएसटी बिल में राज्यों के घाटे की भरपाई का प्रावधान नहीं था. साथ ही जीएसटी काउंसिल के स्वरूप पर भी विवाद था.

First published: 9 August 2016, 10:26 IST
 
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