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जेटली: GST मतलब ज़रूरी चीजों पर ज़ीरो टैक्स, बदल जाएगा देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 June 2017, 14:22 IST
कैच न्यूज़

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) को लेकर एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में खुलकर राय रखी. इस दौरान उन्होंने कहा कि जीएसटी के लागू होने से बहुत सी ज़रूरी चीजों पर ज़ीरो टैक्स लगेगा. जेटली ने टीवी चैनल आज तक के कार्यक्रम में कहा कि जीएसटी से देश बदल जाएगा. यही नहीं कुल मिलाकर टैक्स की दर कम होगी.

जेटली ने कांग्रेस से विरोध को दरकिनार करने की भी अपील की. जेटली ने न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में कहा कि जीएसटी के जश्न में विपक्षी पार्टियों को शामिल होना चाहिए था. जीएसटी के बारे में अरुण जेटली ने जो दलीलें पेश कीं, उस पर एक नज़र:   

  • जीएसटी के लागू होने से कुल मिलाकर टैक्स की दर कम होगी. इससे हमारा देश बदल जाएगा. 
  • जरूरी चीजों पर जीरो टैक्स लगेगा.  पिछले 70 साल में किसी विधेयक पर इतनी बहस नहीं हुई जितनी जीएसटी पर हुई है.
  • जीएसटी लागू होना बड़ा मौका है. बड़े कदमों से ही देश की तकदीर बदलती है.
  • सब कुछ केंद्र ने तय नहीं किया है, इसे 31 राज्य सरकारों और केंद्र सरकार ने साथ बैठकर तय किया है.  
  • सभी काउंसिल बैठकों की रिकॉर्डिंग हमारे पास है. हमने हर विषय पर सर्वसम्मति से फैसला लिया.  
  • मैंने सभी विपक्षी पार्टियों से कहा कि आपने हर जगह जीएसटी पर साथ दिया है, जश्न में शामिल होना चाहिए था. हम शुरू से ही सबको साथ लेकर चल रहे हैं, पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी बुलाया है. कई ऐसे मौके आएंगे जब कांग्रेस को काफी कुछ सोचना पड़ेगा. 
  • हमने पहले ही कहा था कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू करेंगे. 18 जून तक सभी वस्तुओं के दाम तय हो गए. 1 जुलाई का फैसला अकेले नहीं जीएसटी काउंसिल ने मिलकर तय किया. 
  • जब भी कोई नई चीज होती है, तो मुश्किल आती है. बाद में सुधार हो जाता है. जब नोटबंदी हुई तो कहा गया कि जीडीपी लुढ़क जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ.  
  • जिन देशों में जीएसटी फेल हुआ, वहां हालात दूसरे थे. भारत में उन देशों से अलग व्यवस्था है.  
  • आलोचना करने वालों को समझना चाहिए कि पिछले 70 सालों से हमारी सरकारें उधार लेकर शासन चला रही हैं. अगर हर कोई टैक्स देना शुरू कर दे, तो उधार की नौबत नहीं आएगी.  
  • टैक्स सिस्टम अच्छा करना जरूरी. 130 करोड़ आबादी में 5 लाख से ज्यादा आय वाले 71 लाख लोग हैं. इनमें से 61 लाख तनख्वाह वाले हैं. सभी लोग टैक्स नहीं देते हैं.  
  • इनडायरेक्ट टैक्स देने वाले देश में सिर्फ 80 लाख हैं. आगे बढ़कर टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. 
  • कारोबारियों की सभी रिटर्न सॉफ्टवेयर से भरी जाएंगी, इससे उनको कोई दिक्कत नहीं होगी. देश में व्यापारियों का एक बहुत बड़ा वर्ग इसका स्वागत कर रहा है. 
  • GSTN के नेटवर्क पर 15 सितंबर के बाद पुरानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी. हर राज्य सरकार को जीएसटी के ऊपर एक मत ही लागू करना पड़ेगा. 
  • जम्मू-कश्मीर में धारा 370 की वजह से देरी हुई है. राज्य की सरकार को अलग से अपना कानून बनाना पड़ेगा. कश्मीर के वित्तमंत्री ने हर बैठक में साथ दिया है. वहां पर भी जल्द जीएसटी पास हो जाएगा. 
  • जीएसटी के बाद किसी राज्य सरकार को अगर घाटा होगा तो 5 साल तक उसकी भरपाई की जाएगी. जम्मू-कश्मीर में ये लागू नहीं होता है तो वहां के लोगों को काफी दिक्कत होगी.  
  • कांग्रेस की हर राज्य सरकार ने पेट्रोल और शराब को जीएसटी में रखने का विरोध किया. पेट्रोलियम पदार्थ अभी जीएसटी में हैं, लेकिन काउंसिल के फैसले के बाद ही उसे लागू किया जाएगा.  
  • रियल एस्टेट पर मनीष सिसोदिया के प्रस्ताव पर मैं राजी था. पहले जीएसटी लागू हो जाए उसके बाद उसे लागू किया जा सकता है. शराब के मुद्दे पर राज्य सरकार तैयार नहीं है.  
  • हवाई चप्पल और गाड़ी पर एक जैसा टैक्स नहीं लगा सकते हैं, इसलिए अलग-अलग टैक्स स्लैब लाए गए हैं.
  • जीएसटी के बारे में कॉलम लिखने और उसे लागू करने में काफी अंतर है. जिन पर हम 6 फीसदी टैक्स ले रहे हैं, उन्हें 12 फीसदी स्लैब में नहीं रख सकते. ऐसे में हमने 5 फीसदी का जीएसटी स्लैब बनाया.
First published: 30 June 2017, 14:22 IST
 
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