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राष्‍ट्रपति के हस्‍ताक्षर करने के साथ ही कानून बना जीएसटी बिल

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(पत्रिका)

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी संविधान संशोधन बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके साथ ही बिल ने कानून का रुप ले लिया. जीएसटी बिल 3 अगस्त को राज्यसभा और 8 अगस्त को लोकसभा में पारित हुआ था.

संसद में पास होने के बाद बिल को राष्ट्रपति के पास भेजने के लिए 50 फीसदी राज्यों की विधानसभा में बिल का पास होना जरूरी था. जीएसटी संविधान संशोधन बिल के ओडिशा विधानसभा में पास होने के साथ ही इस बिल को राष्ट्रपति के पास भेजे जाने का रास्ता साफ हो गया था.

राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ही इस बिल ने कानून का रुप ले लिया है. राष्ट्रपति की सहमति के बाद जीएसटी संविधान संशोधन बिल की अधिसूचना जारी की जाएगी. सरकार चाहती है कि जीएसटी को 1 अप्रैल 2017 से पहले लागू कर दिया जाए.

राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद अब जीएसटी काउंसिल बनने का रास्ता साफ हो गया है. जीएसटी पर बनी काउंसिल तय करेगी कि इसकी दर कितनी हो. इसके साथ जीएसटी से जुड़े विवाद भी काउंसिल ही निपटाएगी.

जीएसटी पर बनी काउंसिल के मुखिया वित्त मंत्री अरुण जेटली होंगे. इसके साथ ही केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और तमाम राज्यों के वित्त मंत्री होंगे काउंसिल के सदस्य होंगे.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ओडिशा विधानसभा ने जीएसटी बिल को पास कर दिया था, जिसके बाद ऐसा करने वाला वह देश का 16वां राज्य बन गया था.  

इस बिल को मंजूरी देने वाला असम पहला राज्य था.  इसके बाद यह बिल 16 अगस्त को बिहार, 17 अगस्त को झारखंड, 22 अगस्त को हिमाचल व छत्तीसगढ़, 23 अगस्त को गुजरात और 24 अगस्त को मध्य प्रदेश विधानसभा, 29 अगस्त को हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा में पास हो गया था. जीएसटी संविधान संशोधन बिल अब तक देश के 20 राज्यों की विधानसभा में पारित हो चुका है. 

First published: 8 September 2016, 6:36 IST
 
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