Home » इंडिया » Gujarat ATS has arrested Farooq Bhana, main conspirator of Godhra train burning case who was absconding since 2002
 

गोधरा कांड: मुख्य अभियुक्त फारूक भाना 14 साल बाद गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2016, 17:10 IST

गुजरात के गोधरा में 2002 में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन को आग लगाने के मामले में मुख्य आरोपी फारूक बाना को गुजरात एटीएस ने 14 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है. बाना पर गोधरा कांड की साजिश रचने का आरोप है.

14 साल से फरार चल रहे भाना पर आरोप है कि उसने ही 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगाने के लिए केरोसिन मुहैया कराया था. गुजरात पुलिस को उसकी तभी से तलाश थी. 

gujarat ats godhara

पंचमहल के टोल प्लाजा से गिरफ्तार


बीच में यह भी खबर आयी कि फारूक भाना भागकर पाकिस्तान चला गया. लेकिन अब गुजरात एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.

बताया जा रहा है कि एटीएस ने फारूक को पंचमहल जिले के कलोल टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया है. गौरतलब है कि गोधरा पंचमहल जिले में ही आता है. 

क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी जेके भट्ट ने बताया कि पिछले दो-तीन महीने से एटीएस फारूक की तलाश कर रही थी. आखिरकार आज हमें उसे पकड़ने में कामयाबी मिली.

पांच-छह साल से मुंबई में ठिकाना


जेके भट्ट ने बताया, "आगे की तफ्तीश के लिए हम फारूक को जांच अधिकारी को सौंप देंगे. जब हमने जांच की शुरुआत की थी, तब जानकारी मिली थी कि सलीम पानवाला और फारूक भाना पहले मुंबई में थे, फिर पाकिस्तान चले गए थे."

पुलिस के मुताबिक फारूक भाना पिछले पांच-छह साल से मुंबई में रह रहा था. जहां वो मुंबई महानगरपालिका के छोटे-मोटे ठेकों में काम करता था. पुलिस का कहना है कि फरार होने के बाद फारूक कभी गोधरा नहीं आया, लेकिन हाल ही में वो चार-पांच बार परिवार के सदस्यों से मिलने गोधरा अाया था.

ज्वाइंट सीपी जेके भट्ट का कहना है, "मुंबई में फारूक अपनी पहचान छुपाकर फर्जी नाम से काम कर रहा था. जब हमें उसके बार-बार गोधरा आने की जानकारी मिली, तो आखिरकार उसे पकड़ लिया गया."

godhra atc pc

क्या हुआ था गोधरा में?


गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की एस-छह बोगी में 27 फरवरी को आग लगा दी गई थी. इस बोगी में कारसेवक सवार थे. आग में झुलसकर 59 कारसेवकों की मौत हो गयी थी.

इसके अगले दिन ही गुजरात में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे.  दंगों में तकरीबन 1200 से ज्यादा लोग मारे गए, जिसमें ज्यादातर अल्पसंख्य समुदाय से थे.

11 दोषियों को फांसी की सजा


लंबी जांच और अदालती कार्रवाई के बाद 2011 में साबरमती की विशेष अदालत ने गोधरा कांड में 11 दोषियों को फांसी और 20 को उम्रकैद की सजा सुनायी थी.

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चार अप्रैल 2002 को जलायी गयी ट्रेन का स्वयं मुआयना भी किया था. इस कांड की जांच के लिए कई आयोग और समितियां बनाई गई थीं.

First published: 18 May 2016, 17:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी