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फर्जी मुठभेड़ के आरोपी डी जी वंजारा आतंकवाद पीड़ितों के लिए बने एनजीओ से जुड़े

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 October 2016, 12:05 IST
(एजेंसी)

गुजरात के विवादित पूर्व आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा सहित कुछ अन्य रिटायर्ड आईपीएस अधिकारियों ने अहमदाबाद में एक एनजीओ बनाया है.

इस एनजीओ का मकसद आतंकवाद के पीड़ितों के साथ-साथ आतंकवादी गतिविधियों में नामजद आरोपियों के परिजनों को वित्तीय एवं कानूनी मदद मुहैया कराना है. इस एनजीओ में गुजरात के पूर्व डीजीपी एस एस खंडवावाला और महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी के पी रघुवंशी भी जुड़े हैं.

‘जस्टिस फॉर विक्टिम्स ऑफ टेररिज्म’ नाम के इस एनजीओ के अध्यक्ष एस एस खंडवावाला और उपाध्यक्ष केपी रघुवंशी होंगे, जबकि गुजरात में दो फर्जी मुठभेड़ के मामलों में आरोपी वंजारा इसके महासचिव होंगे.

एनजीओ के उद्घाटन के मौके पर खंडवावाला ने कहा कि आतंकवाद के पीड़ितों की सही तरीके से मदद करने और उन्हें मुआवजा दिए जाने से इस समस्या पर काबू पाने में मदद मिल सकती है और यह एनजीओ इसी दिशा में काम करेगा.

उन्होंने कहा, "आतंकवादियों की ओर से मारे गए लोगों के परिवारों, आतंकवादियों की ओर से आरोपी बनाए गए लोगों और आतंकवादियों से मुकाबला कर रहे सुरक्षा बलों को मदद करने का काम भी यह एनजीओ करेगा."

उन्होंने कहा, "यदि किसी आतंकवादी के खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं, तो जांच एजेंसी और सरकार, कहते हैं कि काम हो गया. लेकिन पीड़ितों का क्या? यहां तक कि आरोपी भी इस देश का नागरिक है. यदि वह जेल जाता है तो उसके परिवार का क्या? हमें आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए इस दिशा में भी सोचना होगा."

इस मौके पर डीजी वंजारा ने कहा, "जब गुजरात में आतंकवाद ने अपना सिर उठाया तो पुलिस, नेताओं और केंद्रीय एजेंसियों ने सकारात्मक तरीके से काम किया और संवैधानिक प्रावधानों, पुलिस नियमावली एवं आईपीसी कानूनों के दायरे में रहकर पुलिस ने सही मुठभेड़ की और इसे दूसरा कश्मीर बनने से बचाया."

वंजारा के मुताबिक आतंकवाद के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की वजह से गुजरात एक शांतिपूर्ण राज्य बन सका.

First published: 10 October 2016, 12:05 IST
 
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