Home » इंडिया » #Gujarat HC cancels state govt notification granting 10% quota for EBCs
 

गुजरात की नई आरक्षण नीति को हाईकोर्ट ने किया खारिज

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2016, 12:57 IST

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार द्वारा राज्य में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को शिक्षा और नौकरी में आरक्षण देने वाली अधिसूचना को खारिज कर दिया है. पाटीदार आंदोलन के बाद गुजरात सरकार ने अप्रैल में राज्य में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया था.

गुजरात: पटेलों को मिला कभी न मिलने वाला आरक्षण

उस समय राज्य की मुख्यमंत्री रहीं आनंदीबेन पटेल ने कहा था कि ये आरक्षण अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को दिए जाने वाले 49 प्रतिशत कोटे से अलग होगा. सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता.

गुजरात में पहले से ही 49.5 फीसदी आरक्षण है और इस 10 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण के बाद यह तय सीमा 50 फीसदी से अधिक हो जाएगी. हाईकोर्ट ने आर्थिक आधार पर आरक्षण को असंवैधानिक बताया है.

सवर्णों को आरक्षणः गुजरात सरकार ने बढ़ाया आरएसएस का एजेंडा

पिछले साल हार्दिक पटेल के नेतृत्व में गुजरात के पाटीदार समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग करते हुए पूरे राज्य में आंदोलन चलाया था. पटेल की गिरफ्तारी के बाद राज्य में हुए हिंसक आंदोलन में कुछ लोगों की जान चली गई थी. हाल में ही हाईकोर्ट ने पटेल को जमानत पर रिहा किया है.

First published: 4 August 2016, 12:57 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी