Home » इंडिया » Gujarat: Over 1,000 children died since 2014 at hospital run by Adani Foundation, says government
 

अडानी फाउंडेशन के इस अस्पताल में 5 साल में 1,000 से ज्यादा बच्चों की मौत : गुजरात सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 February 2019, 11:01 IST

गुजरात सरकार ने बुधवार को विधानसभा को बताया कि पिछले पांच साल में भुज के अदानी फाउंडेशन द्वारा संचालित जीके जनरल अस्पताल में 1,000 से अधिक बच्चों की मौत हो गई. मौतें विभिन्न बीमारियों के कारण हुईं है. अस्पताल की वेबसाइट के अनुसार, यह गुजरात अडानी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की एक पहल है, जो अडानी एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन और राज्य सरकार के बीच एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी है.

अस्पताल में मरने वाले बच्चों की संख्या 2014-'15 में 188 और अगले साल 187 थी. 2016 -17 में यह बढ़कर 208 हो गई और उसके बाद के वर्ष में बढ़कर 276 हो गई. 2018-19 में अब तक 159 बच्चों की मौत हो चुकी है, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कांग्रेस विधायक के एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी. पटेल राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के पोर्टफोलियो को संभालते हैं.

 

पटेल ने कहा कि पिछले साल मई में मौतों के अध्ययन के लिए एक पैनल का गठन किया गया था, जिसमें समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं, संक्रामक रोगों, श्वसन संबंधी जटिलताओं, जन्म के समय की मृत्यु और सेप्सिस जैसी गंभीर जटिलताएं शामिल थीं. उन्होंने दावा किया कि अस्पताल ने उपचार प्रदान करते समय निर्धारित प्रोटोकॉल और मानक दिशानिर्देश का पालन किया.

अगस्त 2017 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लगभग 70 बच्चों की मौत हो गई थी हालांकि कई ने आरोप लगाया कि भुगतान की कमी के कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने के बाद बच्चों की मौत हो गई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया. उसी महीने, जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 52 बच्चों की मौत हुई थी. अस्पताल अधीक्षक ने मौतों के लिए कुपोषण को जिम्मेदार ठहराया.

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First published: 21 February 2019, 10:46 IST
 
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