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गुजरात: दो साल बाद पटेल और दलित विरोध के साए में पीएम मोदी की पहली जनसभा

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 August 2016, 12:09 IST
(पीएमओ ट्विटर)

पीएम नरेंद्र मोदी दो साल बाद गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में पहली जनसभा को संबोधित करने वाले हैं. पीएम मोदी जामनगर पहुंच चुके हैं.

जामनगर जिले में ध्रोल के पास सौनी प्रोजेक्ट की शुरुआत हो रही है. इसके साथ ही पीएम मोदी की एक बड़ी जनसभा का भी कार्यक्रम है. इस योजना से सौराष्ट्र के 115 छोटे-बड़े जलाशयों को भरा जायेगा. माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट से आने वाले कई साल तक सौराष्ट्र में पानी की किल्लत नहीं होगी.

इस बीच पीएम मोदी के जामनगर पहुंचने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने ट्वीट किया, "गुजरात प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का गर्मजोशी से स्वागत करता है."

सीएम रूपानी ने ट्वीट किया, "सौनी (एसएयूएनआई) पीएम मोदी का ड्रीम सिंचाई प्रोजेक्ट था, जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे. आज वो इसे बतौर प्रधानमंत्री देश को समर्पित करने जा रहे हैं."

सीएम रूपानी ने कहा, "इस बड़े प्रोजेक्ट के जरिए सौराष्ट्र इलाके के 115 डैम को भरा जाएगा. इसमें सरदार सरोवर बांध के अतिरिक्त पानी का इस्तेमाल होगा."

साथ ही गुजरात के सीएम ने कहा, "इस प्रोजेक्ट की मदद से जो इंजीनियरिंग का शानदार नमूना है, सौराष्ट्र के 11 सूखा प्रभावित जिलों की प्यास बुझ सकेगी. इससे इलाके के लोगों को नया जीवन मिलेगा."

इस बीच खराब मौसम के चलते पीएम मोदी को सड़क के रास्ते जामनगर से साउनी प्रोजेक्ट की साइट पर जाना पड़ रहा है. 

दौरे के सियासी मायने

गुजरात में पहले आरक्षण के लिए पटेल समाज का हिंसक आंदोलन और अब उना कांड के बाद दलित समाज की नाराजगी के साए में हो रही पीएम मोदी की जामनगर रैली के काफी सियासी मायने भी हैं.

प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम सौराष्ट्र का पहला दौरा कर रहे हैं. राज्य का पाटीदार समाज बीजेपी से नाराज चल रहा है. यह समुदाय अब तक के चुनाव में भाजपा का कट्टर समर्थक रहा है. अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पटेल समुदाय की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ सकती है. 

हार्दिक पटेल की चिट्ठी

राज्य में पटेल आरक्षण आंदोलन की अगुवाई कर रहे हार्दिक पटेल ने हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी भी लिखी है.

सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावशाली समुदाय के लिए नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर निकाली गई विशाल पटेल रैली की पहली बरसी पर, आंदोलन के निर्वासित नेता हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र को पत्र लिखा.

इस खत में उन्होंने 2002 के दंगों के लिए सीधे-सीधे प्रधानमंत्री को दोषी ठहराया है. 2002 में साबरमती एक्सप्रेस में लगी आग में 58 यात्रियों की मृत्यु के बाद गोधरा में दंगे भड़क गए थे, जिसमेें हजारों की संख्या में लोग मारे गए थे.

इतना ही नहीं, युवा नेता पटेल ने यह भी लिखा कि बतौर प्रधानमंत्री, मोदी ने 2002 के दंगों में जेल में डाले गए पटेलों की रिहाई के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है. इनमें सबसे ज्यादा सौराष्ट्र के पाटीदार हैं.

उना कांड के बाद दलित विरोध की आंच

इसके अलावा पीएम मोदी की रैली दलितों के बड़े प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हो रही है. दलित कांड भी सौराष्ट्र इलाके में ही हुआ था. उना में चार दलित युवकों की कथित गोरक्षकों के द्वारा बर्बर पिटाई के बाद राज्य का दलित समाज गुस्से में है.

हाल ही में अहमदाबाद से लेकर उना तक दलित समाज ने पदयात्रा निकाली थी. इस रैली का समापन उना में हुआ था, जहां आंदोलन के अगुवा जिग्नेश मेवानी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा था. इस दलित यात्रा में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और रोहित वेमुला के परिवार ने भी हिस्सा लिया था.

First published: 30 August 2016, 12:09 IST
 
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