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गुजरात: 2002 के गुलबर्ग सोसाइटी दंगे में आज आ सकता है फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 June 2016, 11:54 IST
(फाइल फोटो)

गुजरात के 2002 दंगों के दौरान हुए गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड में आज अदालत का फैसला आ सकता है. 28 फरवरी 2002 को हजारों की हिंसक भीड़ ने अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी पर हमला कर दिया था.

गुलबर्ग सोसाइटी दंगों में 69 लोगों की हत्या कर दी गई थी. जिनमें पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफ़री भी थे. सांप्रदायिक हिंसा के बाद 39 लोगों के शव बरामद हुए थे, जबकि 30 लापता लोगों को सात साल बाद मृत मान लिया गया था. 

दंगे में 69 लोगों की हत्या

इस मामले की सुनवाई 2009 में शुरू हुई थी. गुलबर्ग सोसाइटी केस में कुल 66 आरोपी हैं, जिनमें चार की मौत हो चुकी है. 9 अभियुक्त अब भी जेल में हैं. इस मामले में कुल 338 लोगों की गवाही हुई थी. गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में 2010 में पूछताछ हुई थी.

एसआईटी रिपोर्ट में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी. 15 सितंबर 2015 को केस की सुनवाई खत्म हो गई थी और आज फैसले की बारी है. पीड़ित परिवार आरोपियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग कर रहा है. आज स्पेशल कोर्ट इस मामले में फैसला सुना सकती है.

गोधरा कांड के बाद दंगा

2002 का गुलबर्ग सोसाइटी दंगा गुजरात के उन दस बड़े दंगों में है, जिनकी शुरुआत 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाने की घटना के बाद हुई थी. ट्रेन के एस-6 कोच में भीड़ द्वारा आग लगाए जाने के बाद 59 लोगों की मौत हो गई थी.

गुजरात में 2002 में हुए दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने गुलबर्ग सोसाइटी मामले में तीन हजार दस्तावेज पेश किए थे. आरोपियों में से एक बिपिन पटेल अभी बीजेपी से म्युनिसिपल काउंसलर हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद की स्पेशल कोर्ट को इस मामले में 31 मई तक फैसला सुनाने के निर्देश दिए थे.

First published: 2 June 2016, 11:54 IST
 
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