Home » इंडिया » Gujjar Community files case against Centre's minister Mahesh Sharma on abusive remarks
 

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के खिलाफ गुर्जर समाज लामबंद, मानहानि की याचिका

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 7:54 IST
(फाइल फोटो)

पीएम मोदी के करीबी मंत्रियों में से एक केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री डाॅक्टर महेश शर्मा की मुश्किल बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर कथित रूप से गुर्जर समाज को गाली देने के दो ऑडियो को लेकर उनके खिलाफ नोएडा कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है.

गुर्जर समाज का विरोध महेश शर्मा के गले की फांस बनता जा रहा है. बीजेपी के ही सक्रिय सदस्य ओमकार सिंह भाटी ने महेश शर्मा के खिलाफ अपील की है. अखिल भारतीय गुर्जर परिषद के जिला महासचिव की ओर से दाखिल मानहानि केस पर 12 अगस्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई होगी.

आने वाले दिनों में ये केस महेश शर्मा के साथ-साथ बीजेपी के लिए भी बड़ी मुसीबत बन सकता है. पार्टी बड़े जोर-शोर से यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है. 

सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल

गुर्जर परिषद के जिला महासचिव ओमकार भाटी ने सीजेएम कोर्ट को बताया कि केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के दो आॅडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. जिसमें मंत्री कथित रूप से गुर्जर समाज के नेताओं और बिरादरी को गालियां दे रहे हैं.

ऑडियो वायरल होने के बाद पूरे गुर्जर समाज में नाराजगी देखी जा रही है. भाटी का कहना है, "समाज के लोगों ने मंत्री का विरोध शुरू किया. मैं आंदोलन का नेतृत्व कर रहा हूं. जिससे महेश शर्मा क्रोधित हैं. मुझे कई माध्यमों से सूचनाएं मिल रही हैं कि वह अपनी राजनीति ताकत के बूते मेरी हत्या करवा सकते हैं." 

आपराधिक मानहानि केस दर्ज करने की मांग

ओमकार भाटी ने अदालत को बताया कि इस बारे में डीएम, एसएसपी से लेकर मुख्यमंत्री तक को लिखित शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.

न्यायालय से सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत डाॅक्टर महेश शर्मा के खिलाफ आपराधिक मानहानि करने और जान से मारने की धमकी देने के लिए केस दर्ज करने की मांग की गई है. सीजेएम कोर्ट इस मामले पर 12 अगस्त को सुनवाई करेगी.

इस मामले को लेकर गुर्जर समाज बीजेपी का विरोध करने की चेतावनी पहले ही दे चुका है. अब आेमकार भाटी का मानहानि का मुकदमा आग में घी डालने का काम करेगा. इस मामले में काफी दिनों से डाॅक्टर महेश शर्मा फजीहत झेल चुके हैं.

कर्इ विरोध प्रदर्शन के बाद महेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए गुर्जर समाज में संदेश पहुंचाने की कोशिश की है कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है. उनके द्वारा कोर्इ अपशब्द नहीं कहे गए. लेकिन इन बाताें का कोर्इ असर नहीं हुआ है. गुर्जर समाज में केंद्रीय मंत्री के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है. 

गुर्जर वोट बैंक खिसकने का खतरा

महेश शर्मा के खिलाफ इस तरह का विरोध और अब कोर्ट में याचिका से बीजेपी की छवि को भारी धक्का लग सकता है. वेस्ट यूपी में गूर्जर समाज के वोटर्स की संख्या काफी ज्यादा है.

अगर गौतमबुद्घनगर की बात करें तो 3.5 लाख गुर्जर वोटर इसी जिले में हैं. वहीं बात बाकी जिलों की करें तो दूसरा नंबर सहारनपुर का है. यहां गुर्जर मतदाताओं की तादाद ढार्इ लाख है.

वहीं मेरठ-हापुड़, अमरोहा आैर गाजियाबाद लोकसभा सीटों की बात करें, तो डेढ़-डेढ़ लाख गुर्जरों के वोट यहां पर हैं. मुजफ्फरनगर में गुर्जर मतदाताओं की संख्या सवा लाख के करीब है.

इस तरह पश्चिमी यूपी के इन जिलों में गुर्जर वोटर्स की संख्या करीब 14 लाख है. ऐसे में उनकी नाराजगी से विधानसभा चुनाव में बीजेपी के समीकरण बिगड़ सकते हैं.

First published: 2 August 2016, 4:29 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी