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राजस्थान: सरकार में आते ही कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत, गुर्जर समुदाय ने आरक्षण के लिए रोकी 7 ट्रेनेंं

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2019, 12:11 IST

राजस्थान में सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार के लिए बड़ी मुसीबत सामने आ गई है. राजस्थान में आरक्षण को लेकर गुर्जर समुदाय के हजारों आंदोलनकारी दिल्ली-मुंबई मलारना और निमोदा रेलवे स्टेशन के बीच पटरी पर बैठे हुए हैं. गुर्जर समुदाय राज्य में नौकरी और एडमिशन में पांच फीसदी आरक्षण की मांग कर रहा है.

इन आंदोलनकारियों के दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर बैठने से 7 ट्रेनें रद्द हुई हैं और 21 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. आंदोलकारियों ने कहा कि जब देश में अच्छा प्रधानमंत्री और प्रदेश में अच्छा मुख्यमंत्री है, तो वे गुर्जर समुदाय की मांग सुनें क्योंकि उनके लिए आरक्षण मुहैया कराना कोई बहुत बड़ा काम नहीं है.

वहीं आंदोलनकारियों से बात करने के लिए राजस्थान सरकार ने तीन मंत्रियों की एक टीम बना दी है. टीम आज गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से बात करेंगे. राज्य सरकार द्वारा बनाई गई इस टीम में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, समाज कल्याण मंत्री भंवर लाल मेघवाल और रघु शर्मा को शामिल किया गया है.

इससे पहले आईएएस अधिकारी नीरज के पवन को कर्नल बैंसला से बातचीत के लिए भेजा गया है. एक दिन पहले ही किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा था कि हम अपने समुदाय के लिए उसी तरह पांच फीसदी आरक्षण चाहते हैं, जिस तरह केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है.

उन्होंने कहा था कि सरकार की ओर से हमारी मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है. यहां तक कि कोई हमसे बातचीत करने भी नहीं आया, इसलिए मजबूरन हमें यह कदम उठाना पड़ रहा है. 

वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने विधानसभा से पारित कर आरक्षण दे दिया है. लेकिन हाई कोर्ट से रोक लग गई है. इसके बाद हमने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है और सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर गुर्जर आरक्षण चाहते हैं तो केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करें. केंद्र सरकार ही संसद में बिल बनाकर उनको आरक्षण दे सकती है.

First published: 9 February 2019, 12:11 IST
 
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