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फिर 'हाथ' के साथ गुरुदास कामत, कांग्रेस से इस्तीफा लिया वापस

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 June 2016, 13:57 IST
(फाइल फोटो)

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे गुरुदास कामत ने पार्टी से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. छह जून को कामत ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. 

ऐसा माना जा रहा था कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को महाराष्ट्र से उच्च सदन में भेजे जाने के पार्टी के फैसले से वह नाराज थे. इस्तीफे के 10 दिन पहले भी कामत ने कांग्रेस नेतृत्व से नाराजगी जताई थी और इस्तीफे के संकेत दिए थे. 

सोनिया-राहुल के नेतृत्व पर भरोसा

पार्टी में वापसी के अपने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कामत ने कहा, "पिछली रात कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुझसे इस्तीफे के फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए समझाया."

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मुलाकात के बाद मुझे यह तय करने में मदद मिली कि लोगों की सेवा के लिए कांग्रेस पार्टी ही सर्वश्रेष्ठ मंच है." 

पढ़ें: कामत के इस्तीफे में कांग्रेस के लिए संदेश

गुरुदास कामत ने साथ ही कहा, "सोनिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के लिए काम करता रहूंगा. मेरे प्रभार वाले राज्यों के लोगों से कल से मुलाकात शुरू करूंगा."

चिदंबरम को राज्यसभा भेजने से नाराज!

इस्तीफा देने के बाद गुरुदास कामत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम से एक भावुक चिट्ठी भी लिखी थी. इसमें उन्होंने लिखा था, "मैं अपने इस्तीफे के संदर्भ में 10 दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिला था. इसके बाद मैंने सोनिया जी और राहुल जी दोनों को पत्र भेजे कि मैं हटना चाहता हूं.

चूंकि कोई जवाब नहीं आया. मैंने औपचारिक रूप से सूचित किया कि मैं राजनीति से संन्यास लेना चाहता हूं. सादगी भरे अंदाज में उन्होंने कहा, "मैं पार्टी नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामना देता हूं.'" 

गुरुदास कामत की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती है. कामत कभी भी खुलकर केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ नहीं बोले. यूपीए-2 के कार्यकाल में 2011 में कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने पर उन्होंने बिना कोई विरोध किए चुपचाप इस्तीफा दे दिया था.

कांग्रेस से पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके गुरुदास कामत की पहचान जमीनी नेता के तौर पर है. कामत सिर्फ मुंबई कांग्रेस के नेता ही नहीं, बल्कि कांग्रेस महासचिव भी थे.

2013 में कांग्रेस ने उन्हें महासचिव बनाते हुए गुजरात, राजस्थान, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव का प्रभार सौंपा था. इसके अलावा कामत कांग्रेस की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था कांग्रेस कार्य समिति के भी सदस्य थे.

First published: 23 June 2016, 13:57 IST
 
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