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सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर बोली हादिया: पति से मिलने तक मैं आजाद नहीं हूं

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 November 2017, 13:02 IST

केरल के बहुचर्चित 'लव जिहाद' मामले से सुखिर्यों में आई हादिया ने बुधवार को एक बयान दिया. सुप्रीम कोर्ट के दिए आदेश के बाद हादिया ने कहा कि वो भले ही अपने पिता के चंगुल से छूट चुकी हैं पर वो आजाद हैं ये पूरा सच नहीं है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने हादिया के पिता को उसकी पढ़ाई जारी रखने की इजाजत देने का निर्देश दिया था. इसके बाद वो तमिलनाडु में अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी.

हादिया ने कहा, "मैंने कोर्ट से आजादी मांगी थी. मैं अपने पति से मिलना चाहती थी. लेकिन मैं अब आजाद नहीं हूं और यही सच है"

हादिया ने आगे कहा, "मैं वे अधिकार मांग रही हूं, जो हर नागरिक के पास है. इसका राजनीति और जाति से कुछ लेना-देना नहीं है. मैं जिसे पसंद करती हूं उससे बात करना चाहती हूं."

गौरतलब है कि अखिला अशोकन उर्फ हादिया ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कर शफीन जहां नाम के एक शख्स से निकाह किया था. इसके बाद हादिया के पिता केएम अशोकन ने केरल हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर शादी रद करने की गुहार लगाई थी. याचिका में कहा गया था कि उनकी बेटी का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और लड़के (शैफीन) का संबंध आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट संगठन से है. 

इस मामले की सुनवाई करते हुए केरल हाईकोर्ट ने हादिया और शैफिन की शादी को 'रद' कर दिया और लड़की को उसके पिता के हवाले करने का आदेश दिया. शादी 'रद' किए जाने के हाई कोर्ट के फैसले को शैफीन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने हादिया की पढ़ाई जारी रखने का आदेश दिया. इसके बाद वो अपने पिता की जगह तमिलनाडु के कॉलेज में रहकर आगे की पढ़ाई करेगी.

First published: 29 November 2017, 13:02 IST
 
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