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भारत की सीमा से लश्कर के आंतकी हटे, हाफिज ने सौंपा ये बड़ा काम-रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2018, 17:35 IST
(File Photo )

पाकिस्तान में आम चुनाव होने की वजह से पाकिस्तानी सेना भारत से सीधे नहीं उलझने की रणनीति पर काम कर रही है. पाकिस्तानी सेना नहीं चाहती है कि उसके भारत से उलझकर चुनाव में कोई नया मुद्दा खड़ा हो. दूसरी तरफ लश्कर सरगना हाफिज़ सईद सियासी मैदान में कूदकर अपनी राजनैतिक ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है.

वह अपने दामाद और बेटा को सांसद बनाने की कोशिश में लगा हुआ है. इन दोनों वजहों के चलते सीमापार से घुसपैठ और गोलीबारी की घटनाओं में भारी कमी देखी गई है. हाफिज सईद ने अपने सारे लड़ाकों को चुनाव प्रचार में लगा दिया है. हादिज सईद ने अपने सभी उम्मीदवारों को अल्लाह-हु-अकबर पार्टी की टिकट पर चुनावी मैदान में उतारा है. उसका बेटा ताल्हा सईद और दामाद भी इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इस पार्टी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल है.

एबीपी की खबर के मुताबिक, एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव में बड़े स्तर पर हिंसा की आशंका है. तालिबान इस चुनाव में 6 पाकिस्तानी नेताओं को अपना निशाना बनाने की फिराक में है. इसमें हाफिज का बेटा ताल्हा सईद का नाम भी शामिल है. हालांकि पाकिस्तान चुनाव आयोग के आदेश पर इमरान खान और ताल्हा सईद को कमांडो सुरक्षा दी गई है. लेकिन सईद को पाकिस्तानी कमांडो पर भरोसा नहीं है. उसने अपने दामाद और बेटा ताल्हा सईद की सुरक्षा में लश्कर के ट्रेंड आतंकियों को लगाया है.

वहीं, चुनाव में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए हाफिज सईद ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं की जगह पर सीमा पर घुसपैठ के लिए तैयार आतंकियों को चुनाव प्रचार में उतार दिया है. हाफिज ने कश्मीर में घुसपैठ के लिए तैयार आतंकियों को वापस बुला लिया है. उनको चुनाव और ऑफिस की सुरक्षा में लगा दिया है.

हालांकि सीमा पार अभी भी कुछ आतंकी बैठे हैं, वो भी अपने आका हाफिज के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं. वह भी चुनाव प्रचार में जाने के लिए तैयार हैं. लश्कर ने फिलहाल वापस बुलाये गए आतंकियों को चुनाव प्रचार के काम में लगाने के आलावा, अपने संगठन और ऑफिस की सुरक्षा में भी लगाया है. यानि लश्कर के आतंकी हाफिज़ के बेटे के पोलिंग एजेंट बनेंगे.

वहीं, दूसरी तरफ पेशावर की चुनावी रैली में धमाके के बाद पाकिस्तानी सेना 25 जुलाई को होने वाले पाकिस्तान नेशनल असेम्बली के आम चुनाव की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. पाकिस्तानी सेना ने एलओसी से 7000 जवानों को वापस चुनाव की सुरक्षा में तैनात किया है. इसके अलावा अंतराष्ट्रीय सीमा से रेंजर्स के 12,000 जवान और अफसरों को वापस बुलाकर चुनाव की सुरक्षा ड्यूटी में लगाया है.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक़ पाकिस्तान सेना की रणनीति बदलने की वज़ह से सीमापार से होने होने वाली फायरिंग में अचानक बेहद कमी आई है. पिछले 20 दिनों में महज 10 बार सीमा पर से फायरिंग हुई है. पाकिस्तानी सेना की कोशिश शांतिपूर्ण चुनाव कराना है.उसने अपनी ताकत झोंक दी है. पाकिस्तानी सेना की कोशिश हिंसा को रोककर और शांतिपूर्म चुनाव कराने की है.

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First published: 11 July 2018, 17:25 IST
 
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