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पटेल आरक्षण आंदोलन के अगुवा हार्दिक पटेल जेल से आजाद, पीएम पर साधा निशाना

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 July 2016, 14:47 IST
(पीटीआई)

गुजरात में पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की जेल से रिहाई हो गई है. अक्टूबर 2015 में उन्हें राजद्रोह समेत कई आपराधिक मामलों में जेल में कैद कर दिया गया था.

सूरत की लाजपुर सेंट्रल जेल से नौ महीने बाद पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की रिहाई हुई है. राजद्रोह के दो मामलों में हार्दिक पटेल की पिछले साल गिरफ्तारी हुई थी. 

इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट से उन्हें राजद्रोह के मामले में सशर्त जमानत मिल गई थी. वहीं विसनगर हिंसा के मामले में भी बेल मिलने के साथ ही हार्दिक पटेल की रिहाई का रास्ता साफ हो गया था.

'56 इंच का सीना नहीं अधिकार चाहिए'

रिहाई के बाद हार्दिक पटेल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. हार्दिक पटेल ने इस दौरान कहा कि हमें 56 इंच का सीना नहीं बल्कि अधिकार चाहिए.

इससे पहले सूरत की लाजपुर जेल के बाहर उनके समर्थक जुटे हुए थे. जेल से आजाद होने के बाद समर्थकों ने हार्दिक पटेल का जोरदार स्वागत किया.

हार्दिक पटेल ने आने वाले दिनों में पाटीदार समाज के आंदोलन को तेज करने के संकेत देते हुए कहा कि वह पूरे देश में घूमकर कुर्मी समाज को एकजुट करेंगे.

कौन हैं हार्दिक पटेल?

गुजरात में पाटीदार समाज के आरक्षण आंदोलन (पाटीदार अनामत संघर्ष समिति) की हार्दिक पटेल अगुवाई कर रहे थे. फिलहाल उनके खिलाफ दो मामले चल रहे हैं. पहला सूरत और दूसरा अहमदाबाद में.

सूरत वाले मामले में उन पर एक व्यक्ति को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए उकसाने का आरोप है. वहीं अहमदाबाद के मामले में हार्दिक के साथियों पर लोगों को सरकार के खिलाफ हिंसा करने के लिए उकसाने का केस चल रहा है.

पिछले साल हार्दिक को राजद्रोह की धाराओं में केस दर्ज करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. हार्दिक पटेल पर आरोप है कि कथित तौर पर उन्होंने अपने साथियों और लोगों को फोन करके हिंसा के आदेश दिए थे. 

पढ़ें: गुजरात: हार्दिक पटेल को राजद्रोह मामले में मिली जमानत

गौरतलब है कि सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के खिलाफ पाटीदार (पटेल) समाज के हिंसक आंदोलन की अगुवाई के लिए 22 वर्षीय हार्दिक पटेल को अक्टूबर 2015 में गिरफ्तार किया गया था. बाद में उन्हें सूरत जेल में रखा गया.

सोशल मीडिया पर हार्दिक पटेल की कंधे पर बंदूक रखी तस्वीर काफी चर्चित हुई थी (फाइल फोटो)

पिछले साल हिंसक हुआ था आरक्षण आंदोलन

पाटीदार समाज की एक बैठक में भारी जनसमूह के बीच तलवार लहराकर हार्दिक पटेल मीडिया की सुर्खियों में आ गए थे. इसके अलावा पाटीदार आंदोलन से पहले उनकी कंधे पर बंदूक रखे हुए तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुई. 

हार्दिक पटेल की मांग है कि पाटीदारों को सरकारी नौकरियों और कॉलेज में प्रवेश के दौरान आरक्षण मिलना चाहिए. गुजरात में पाटीदार समुदाय को आम तौर पर आर्थिक रूप से मजबूत माना जाता है, लेकिन उनकी आरक्षण की मांग एक साल से जोर पकड़ती जा रही है.

हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी के बाद पाटीदार आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था और गुजरात के कई शहरों में हिंसा की खबरें आई थी. हार्दिक पटेल ने कोर्ट को भरोसा दिया है कि जेल से रिहाई के बाद वे शांतिपूर्वक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे.

First published: 15 July 2016, 14:47 IST
 
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