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सलमान ने ही काले हिरण का शिकार किया था, गवाह दुलानी का दावा

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2016, 16:40 IST

हिरण शिकार मामले के प्रमुख गवाह हरीश दुलानी का दावा है कि अभिनेता सलमान खान ने ही हिरणों को मारा था. राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को 1998 के हिरण शिकार से जुड़े दो मामलों में सलमान को बरी कर दिया था. 

एक अखबार को दिए इंटरव्यू में मामले के अहम गवाह हरीश दुलानी ने कहा कि वो अपने बयान पर कायम हैं. दुलानी वही शख्स हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा था कि वह पिछले 10 साल से लापता हैं.  

हरीश दुलानी से जिरह का मौका नहीं मिल पाने काे सलमान के बरी होने की बड़ी वजहों में से एक माना जा रहा है. दुलानी उसी जिप्सी को चला रहे थे, जिसका इस्तेमाल हिरणों के शिकार के दौरान किया गया था. 

'सलमान को बचाने के लिए नहीं बुलाया'

एक हिंदी दैनिक ने जब दुलानी से सवाल किए तो हरीश ने कहा, "मैं अब भी इस बयान पर कायम हूं कि सलमान ने ही हिरण का शिकार किया था. मैं कहीं गायब नहीं हुआ था. सलमान को बचाना था, इसलिए जानबूझकर मुझे बुलाया ही नहीं गया." 

इससे पहले कहा जा रहा था कि 10 साल से दुलानी गायब है और वह दुबई में है. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक फैसले की रात वह अहमदाबाद से टैक्सी लेकर जोधपुर निकला था. वह आज भी ड्राइवरी ही करता है.  

अखबार ने जब दुलानी से सवाल किया कि मुख्य गवाह होने के बावजूद वह गायब क्यों हो गए, तो दुलानी ने कहा, "मुझे भी समझ नहीं आ रहा कि वे बरी कैसे हो सकते हैं, अभी तो मेरी गवाही तक नहीं हुई है. कौन कहता है कि मैं गायब था, ज्यादातर कोर्ट हियरिंग में गया था." 

'सुनवाई में मौजूद था'

दुलानी का कहना है कि 24 नंवबर 2015 और 17 मई 2016 को भी वो सुनवाई के दौरान मौजूद थे. दुलानी ने अखबार को बताया, "आप वहां मेरे दस्तखत देख सकते हैं. हां, पारिवारिक कारणों से कुछ सुनवाई में भले नहीं जा पाया. उनको सलमान को बचाना था, इसीलिए मुझे बुलाया ही नहीं गया." 

बचाव पक्ष की ओर से बहस का मौका नहीं मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा, ''कहा न कि जब बुलाया जाता, तब कोर्ट जाता था. बचाव पक्ष जब चाहता तो मुझसे बात कर सकता था. इसके लिए कभी कोई सूचना नहीं दी गई कि बचाव पक्ष की बहस के लिए कोर्ट में आना है." 

अखबार को दिए इंटरव्यू में दुलानी ने कहा, "वकील से मेरी बात हुई थी, उसने अगली सुनवाई 10 अगस्त को होने की बात बताई है. मैं कोर्ट में जरूर जाऊंगा. वहां भी सच बोलूंगा." 

जब सलमान के द्वारा शिकार करने के उनके दावे पर पूछा गया तो दुलानी ने कहा, "पूरा मामला तो याद नहीं, लेकिन मैंने वन विभाग और मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान रिकॉर्ड करवा दिया था और मैं आज भी उस बयान पर कायम हूं." 

हरीश ने बयान में कहा था कि सलमान खान और उनके साथियों ने 26 और 28 सितंबर 1998 को जोधपुर के घोड़ा फार्म और भवाद इलाके में शिकार किया था. 

जब उनसे शिकार के वक्त जिप्सी चलाने के दावे पर पूछा गया, तो हरीश ने कहा, "जब शिकार हुआ, तब जिप्सी सलमान खुद चला रहे थे, मैं तो पीछे बैठा था. उन्हें जिप्सी चलाने का बहुत शौक था, इसलिए वह गाड़ी चला रहे थे." 

'बुलाया तो सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा' 

राज्य सरकार और बिश्नोई समाज ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है. जब दुलानी से इस मुद्दे पर अखबार ने सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में बुलाया जाता है तो वहां भी जाऊंगा, लेकिन खर्च और सुरक्षा मेरी सबसे बड़ी चिंता है. 

मैं तो ड्राइवर था, नौकरी कर रहा था, लेकिन बिना बात मामले में फंस गया, तो नौकरी से भी निकाल दिया गया. तनख्वाह तक नहीं दी."  

'मेरे पास पासपोर्ट तक नहीं'

जब हरीश दुलानी से पूछा गया कि सलमान के खिलाफ न बोलने के लिए उन्हें कोई लालच या धमकी मिली थी, तो उन्होंने कहा, "पैसा दिया होता तो मेरी यह स्थिति नहीं होती. मकान बिक गया, मोटरसाइकिल तक नहीं है. 

कहने वाले कहते हैं कि मैं दुबई चला गया, लेकिन मेरे पास पासपोर्ट तक नहीं है. इस केस के चक्कर में मेरे माता-पिता नहीं रहे. पिता को धमकियां मिली थीं, लेकिन पूछने पर भी कुछ नहीं बताया. इसी कारण उनकी जल्दी मौत हुई. फिर मेरी मां चिंता में चल बसीं."

जिप्सी ड्राइवर दुलानी अहम गवाह

1998 में एक दवा कारोबारी अरुण ने अपनी जिप्सी के साथ ड्राइवर हरीश दुलानी को जोधपुर के उम्मेद भवन भेजा था. उस वक्त फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग चल रही थी. हरीश तीन दिन सलमान के साथ ही रहा. 

आरोप है कि इसी दौरान हिरण का शिकार हुआ. हरीश ने 24 जनवरी, 2002 को सीजेएम कोर्ट में बयान दर्ज कराए. अगली पेशी 24 फरवरी, 2002 को थी. 2006 में निचली अदालत ने हरीश की गवाही के बिना ही सबूतों के आधार पर सलमान को सजा सुनाई. 

हालांकि, राजस्थान हाईकोर्ट ने हरीश के क्रॉस एग्जामिनेशन को सलमान के लिए जरूरी माना. कहा जा रहा है कि अभियोजन पक्ष की तरफ से गवाह को पेश न कर पाने के कारण हाईकोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया.

First published: 27 July 2016, 16:40 IST
 
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