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रेप पर खट्टर हुए कट्टर, बोले- दोषी साबित होने पर छीन लेंगे सरकारी सुविधाएं

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2018, 8:35 IST

महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और रेप जैसे अपराधों को लेकर हरियाणा सरकार ने सख्ती दिखाई है. खट्टर सरकार ने फैसला किया है कि यदि किसी पर रेप का आरोप लगता है या छेड़खानी का आरोप लगता है तो उसकी सारी सरकारी सुवधाएं रोक दी जाएंगी.

केस का फैसला आने तक उसे कोई भी सरकारी सुविधा नहीं मिलेगी. और अगर केस में उसे सजा होती है तो ये सरकारी सुविधाएं हमेशा के लिए छीन ली जाएंगी. इन सरकारी सुविधाओं में बुढ़ापा या विकलांग पेंशन, वज़ीफ़ा, ड्राइविंग और हथियार लाइसेंस वगैरह शामिल हैं.

हरियाणा सरकार की तरफ से ये सराहनीय कदम उठाया गया है, उम्मीद है कि इससे महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों में कुछ लगाम लग सकेगी. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, "मामले में अदालत का आदेश आने तक आरोपी के लिए ये सेवाएं रद्द रहेंगी. अगर आरोपी को दोषी साबित किया जाएगा और उसे सजा होगी तो वह इन सुविधाओं के लिए कभी पात्र नहीं होगा."

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साथ ही खट्टर ने कहा कि राज्य में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा पर रोक लगाने के लिए ये कदम उठाये गए हैं. साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार लड़कियों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करेगी.
खट्टर ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा व संरक्षा के लिए एक व्यापक योजना की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता अगर सरकार द्वारा मुहैया करवाए गए वकील के अलावा मुकदमे की पैरवी के लिए किसी अन्य वकील की सेवा लेना चाहती है तो सरकार उसके लिए 22,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी.

खट्टर ने कहा ,"दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में बाधारहित जांच का प्रावधान सभी थानों में होगा. जांच अधिकारी को दुष्कर्म के मामले की जांच एक महीने में और छेड़छाड़ मामले की जांच 15 दिनों में पूरी करनी होगी, अन्यथा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी." खट्टर ने कहा कि दुष्कर्म, उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के 50 मामले जिन जिलों में लंबित होंगे वहां छह फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे.''

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खट्टर ने आगे कहा, "मैं जल्द ही पंजाब एवं हरियाणा के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर उनसे महिला का बयान दर्ज करवाकर सुनवाई किसी दूसरे दिन के लिए स्थगित नहीं करने के लिए अदालत को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह करूंगा."

First published: 13 July 2018, 8:35 IST
 
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