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Nipah वायरस पर हेल्थ मिनिस्ट्री सतर्क, परीक्षाएं स्थगित और अंतिम संस्कार के लिए जारी किया प्रोटोकॉल

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2018, 9:22 IST

केरल के बाद कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में निपाह वायरस के फैलने का डर पैदा हो गया. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आम जनता और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी कर सचेत रहने के लिए कहा है. इस एडवाइजरी में यह बताया गया है यह बीमारी कैसे फैलती है और इसके क्या लक्षण होते हैं.

इस बीच केरल में निपाह वायरस से प्रभावित एक और व्यक्ति की गुरुवार को मौत हो गई. इसी के साथ राज्य में इस खतरनाक वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. इसके अलावा खबरों में आया कि शव दाह गृह कर्मियों ने निपाह वायरस से मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है.

इसके लिए भी हेल्थ मिनिस्ट्री ने प्रोटोकॉल जारी किया है. गौरतलब है कि निपाह वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज कर रही एक डॉक्टर की भी जान इस वायरस ने ले ली है. शायद इसी बात से डरते हुए शवदाह गृह के कर्मियों ने शवों का अंतिम संस्कार करने से मना किया होगा.

 

निपाह वायरस के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में गिरावट तो दर्ज की गई है लेकिन कोझीकोड के आयुक्त यू.वी.जोस ने 31 मई तक सभी सार्वजनिक सभाओं, ट्यूशन कक्षाओं सहित सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों पर रोक लगा दी है. इसके अलावा यह कदम लोगों को भीड़ व समूह में एक-दूसरे के संपर्क में आने से रोकने के लिए उठाया गया है. इसके अलावा कालीकट विश्वविद्यालय ने गुरुवार को इस सप्ताह होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित करने की घोषणा की है. जिले फैली निपाह वायरस की खबरों को देखते हुए एक लोक सेवा परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है.

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स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को कहा कि पुणे में परीक्षण के लिए कुल 160 नमूने भेजे गए हैं. इसमें से 22 के परिणाम आए हैं, जिनमें से 14 में वायरस के होने की पुष्टि की गई है. इन 14 के साथ कोझिकोड की एक नर्सिंग की छात्रा भी निपाह वायरस से संक्रमित पाई गई है. बता दें कि कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में 136 मरीजों और पास के मलप्पुरम जिले में 24 मरीज को निगरानी में रखा गया है.

 

अंतिम संस्‍कार के लिए प्रोटोकॉल

इस बीच निपाह वायरस पीड़ितों के अंतिम संस्कार के लिए भी स्वास्थय मंत्रालय ने एक प्रोटोकॉल जारी किया है. निपाह वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दाह संस्कार को सबसे बेहतर बताया गया है, लेकिन यदि कोई परिवार शव को दफनाना चाहता है तो उसे शव को एक पॉलीथीन बैग से बंद कर गहरे गड्ढे में दफनाया जाना चाहिए.

इस बात को लेकर एक अधिकारी ने कहा, "केंद्र व राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में मेडिकल पेशेवरों व स्वास्थ्य विशेषज्ञों को तैनात किया है. इसके अलावा निजी क्षेत्र भी कोझिकोड व मलप्पुरम में काम कर रहा है. साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं."

उन्होंने कहा, "हालात नियंत्रण में है. यह देखने में आया है कि यदि किसी को बुखार है तो घबराहट फैल जा रही है और जब किसी में इस बीमारी के होने की पुष्टि हो जा रही है तो फिर उसके सभी पड़ोसी व संबंधी भी घबरा जा रहे हैं."

डॉक्टर सकीना ने कहा, "हमने एक नियंत्रण कक्ष खोला है और हम सर्तक हैं. इसे रोकने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं. किसी को डरने की जरूरत नहीं है, इसके बजाय हमारे साथ सहयोग करना चाहिए." कोझिकोड के अधिकारियों ने दो कर्मचारियों पर सरकारी शवदाह गृह में दाह संस्कार में सहयोग नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है.

First published: 25 May 2018, 9:18 IST
 
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