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'उड़ता पंजाब' का आप कनेक्शन

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 June 2016, 19:30 IST
(कैच न्यूज)

सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने फिल्मकार अनुराग कश्यप पर गंभीर आरोप लगाया है. फिल्म 'उड़ता पंजाब' को लेकर जारी विवाद के बीच बुधवार को निहलानी ने कहा कि उन्होंने सुना है कि अनुराग कश्यप ने फिल्म के लिए आम आदमी पार्टी (आप) से पैसे लिए हैं.

निहलानी के इस बयान की निंदा अनुराग कश्यप और आम आदमी पार्टी दोनों ने की है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'पहलाज निहलानी के बयान से ये साफ हो गया है कि वो बीजेपी के कहने पर फिल्म रोक रहे हैं.'

वहीं अनुराग कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'मुझे पहलाज निहलानी के आरोप पर (आम आदमी पार्टी से पैसे लेने का) खुद का बचाव करते हुए शर्म आ रही है.'

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निहलानी के आरोपों पर आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने कहा, 'पहले ऐसी बातें थीं कि निहलानी बहुत ही खराब व्यक्ति और वे अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ हैं. लेकिन अब यह साबित हो चुका है कि वे असल में कठपुतली हैं. जो ताकतें इस फिल्म को रिलीजी नहीं होने देना चाहती हैं, उनके पीछे बादल और मोदी सरकार हैं.'

फिल्म के कई सीन और नाम पर बोर्ड की कैंची चलने के बाद अनुराग कश्यप बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट चले गए. हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई गुरुवार को होगी.

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इसके बाद इंडियन फिल्म एंड टेलिविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष से निहलानी को हटाने की मांग की. साथ ही, एसोसिएशन ने आप से पैसे लेने वाले आरोप पर निहलानी से माफी मांगने को कहा.

हालांकि, निहलानी अब भी बयान पर कायम हैं. एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी से फिल्म को फंड की बात कही, क्योंकि उन्होंने ऐसा सुना था. फिल्मकारों के उनसे माफी मांगने की मांग पर उन्होंने कहा, 'मैं माफी नहीं मांगूंगा, क्योंकि जो सुना वहीं कहा.'

यह फिल्म 17 जून को रिलीज होने वाली है. फिल्म में पंजाब के युवाओं में ड्रग्स की लत के मुद्दे को उठाया गया है. पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. और आम आदमी पार्टी और कांग्रेस वहां फैले ड्रग्स कारोबार को मुद्दा बना रही है. वर्तमान में वहां अकाली दल और बीजेपी की सरकार है.

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कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक वजहों से फिल्म को सेंसर बोर्ड से पास नहीं किया जा रहा है.

राजनीतिक आरोपों पर निहलानी ने कहा कि बोर्ड के निर्णय को कोई राजनीतिक दबाव नहीं बदल सकता. उन्होंने दावा किया कि फिल्म से पंजाब, राजनीति और चुनाव के जिक्र को बाहर करने के निर्णय का राजनीति से कोई संबंध नहीं है.

दिलचस्प बात है कि निहलानी और कश्यप दोनों ने एक-दूसरे पर तानाशाह होने का आरोप लगाया है. सेंसर बोर्ड पर टिप्पणी करते हुए कश्यप ने कहा है कि यह पूरी तरह तानाशाही रवैया है. उन्होंने निहलानी पर नॉर्थ कोरिया की तरह बर्ताव करने का आरोप तक लगा दिया.

इस आरोप के जवाब में निहलानी ने कहा कि वह ऐसा कह सकते हैं कि मेरे कार्यकाल में एनबीएफसी नॉर्थ कोरिया की तरह है क्योंकि उन्हें बोलने की आजादी है. उन्होंने कहा कि अनुराग खुद तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं.

First published: 8 June 2016, 19:30 IST
 
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