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मैं गायब नहीं हुआ हूं, मुझे डर है इसलिए छिपा हुआ हूंः हीरोजीत सिंह

सलमा रहमान | Updated on: 29 January 2016, 8:36 IST

साल 2009  में मणिपुर की राजधानी इंफाल में हुई कथित मुठभेड़ के संदिग्ध हीरोजीत सिंह ने गुरुवार को बताया कि वो लापता नहीं हैं, उन्हें राज्य सरकार पर भरोसा नहीं है इसलिए वो छिप गए हैं.

हीरोजीत बुधवार सुबह नई दिल्ली से इंफाल जाने वाले थे. उनका विमान दोपहर बाद पहुंचने वाला था. जब विमान वहां पहुंचा तो उसमें हीरोजीत नहीं थे. उसके बाद मीडिया में खबर फैल गई कि वो गायब हैं.

हीरोजीत ने गुरुवार को पत्रकार पाओजेल चोआब को बताया कि वो लापता नहीं हैं, उन्हें राज्य सरकार पर भरोसा नहीं है इसलिए वो छिप गए थे. उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए चिंता भी जतायी. हीरोजीत ने चोआब को फोन पर बताया कि वो 'स्वस्थ और सुरक्षित' हैं.

मणिपुर की राजधानी इम्फाल में साल 2009 में हुई एक कथित मुठभेड़ में पूर्व विद्रोही चोंगखाम संजीत मारे गए थे

मणिपुर की राजधानी इम्फाल में साल 2009 में हुई एक कथित मुठभेड़ में पूर्व विद्रोही चोंगखाम संजीत मारे गए थे. घटना के छह साल बाद सोमवार को कथित मुठभेड़ में शामिल मणिपुर पुलिस के निलंबित हेडकॉन्स्टेबल टी हीरोजीत सिंह ने उद्घाटन किया कि संजीत को उन्होंने जब गोली मारी तो उसके पास कोई हथियार नहीं था. संजीत पीपल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्व सदस्य थे.

हीरोजीत सिंह ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को 25 जनवरी को ये जानकारी दी थी. हीरोजीत ने ये भी कहा कि उन्हें गोली चलाने का आदेश उनके तत्कालीन एएसपी ने दिया था. हालांकि एएसपी ने इससे इनकार किया है.

हीरोजी के गायब होने की खबर आने के बाद ह्यूमन राइट अलर्ट के कार्यकारी निदेशक निदेशक बबलू लॉयतोन्गबाम ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को उनके लापता होने के बाबत पत्र भी लिखा था.

हीरोजीत से बात करने वाले पत्रकार चोआब ने कैच को बताया कि "हीरोजीत का आशंका है कि उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने का षडयंत्र किया जा सकता है."

हेडकॉन्स्टेबल टी हीरोजीत सिंह ने उद्घाटन किया कि जब संजीत को उन्होंने गोली मारी तब उसके पास कोई हथियार नहीं था

चोआब के अनुसार, "हीरोजीत डर के कारण नहीं छिपे थे लेकिन वो अपने बयान की पुष्टि करना चाहते थे. उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरे होशोहवास में बयान दिया था."

चोआब के अनुसार हीरोजीत चाहते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह मामले में हस्तक्षेप करें और उन्हें सक्षम अधिकारियों के सामने मामले की पूरा ब्योरा दर्ज कराने की व्यवस्था करें.

हिरोजीत ने चोआब को बताया कि वो इस मामले में अदालत द्वारा दी जाने वाली किसी भी सज़ा के लिए तैयार हैं. हीरोजीत ने चोआब से कहा, "अदालत जो भी सज़ा देगी मैं उसके लिए तैयार हूं. मैंने जो कहा है जब तक उसे साबित नहीं कर देता तब तक मुझे किसी परिणाम की चिंता नहीं. मैं कोई गुपचुप निपटारा नहीं चाहता."

इस कथित मुठभेड़ की सीबीआई अभी भी जांच कर रही है. मामले में हीरोजीत समेत मणिपुर पुलिस के नौ जवान संदिग्ध हैं. सभी संदिग्धों को निलंबित कर दिया गया था. किसी भी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

First published: 29 January 2016, 8:36 IST
 
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