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नहीं रहे 'वर्दी वाला गुंडा' के लेखक वेद प्रकाश शर्मा

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 February 2017, 3:18 IST
Ved Prakash Sharma

जाने-माने उपन्यासकार, स्क्रिप्ट राइटर वेद प्रकाश शर्मा का शुक्रवार रात निधन हो गया, वे 61 साल के थे. वेद प्रकाश शर्मा लगभग एक साल से बीमार थे. उनका कैंसर का इलाज चल रहा था. उन्होंने शुक्रवार को रात 11.50 बजे अंतिम सांस ली. वेद प्रकाश के परिवार में एक बेटा शगुन शर्मा और तीन बेटियां हैं.

6 जून 1955 को यूपी के मेरठ जिले में जन्मे वेद प्रकाश शर्मा के 'वर्दी वाला गुंडा', 'बहू मांगे इंसाफ़', 'दूर की कौड़ी', 'शाकाहारी खंजर' जैसे कई उपन्यासों ने धूम मचा दी थी. वेद प्रकाश ने पहले दूसरों के लिए 'गोस्ट राइटिंग' की, फिर खुद का नाम मिला.

भारत में लोकप्रिय थ्रिलर उपन्यासों की दुनिया में ‘वर्दी वाला गुंडा’ क्लासिक का दर्जा रखता है. इस उपन्यास की देशभर में करीब आठ करोड़ प्रतियां बिकी थीं. उनके नॉवेल ‘कैदी नंबर-100’ की ढाई लाख प्रतियां छपी थीं. माधुरी, जंग बहादुर, ज्योति प्रकाशन उनके लिखे उपन्यास छापते थे. 1985 में वेदप्रकाश ने खुद अपना प्रकाशन शुरू किया ‘तुलसी पॉकेट बुक्स’, उनके 176 उन्यासों में से 70 इसी ने छापे हैं.

उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता 1993 में वर्दी वाला गुंडा से मिली. 1985 में उनके उपन्यास ‘बहू मांगे इंसाफ’ पर शशिलाल नायर के निर्देशन में ‘बहू की आवाज’ फिल्म बनी. इसके दस साल बाद सबसे बड़ा खिलाड़ी (उपन्यास ‘लिल्लू’) और 1999 में इंटरनेशनल खिलाड़ी बनी. इतना ही नहीं उन्होंने बाद की दो फिल्मों का स्क्रीन प्ले और डायलॉग खुद लिखे, लेकिन सिर्फ फिल्म के लिए कोई कहानी कभी नहीं लिखी. 

वेद प्रकाश जी ने लगभग 173 उपन्यास लिखे थे. इसके अलावा उन्होंने खिलाड़ी श्रृंखला की फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखी. बहू मांगे इंसाफ पर शशिलाल नायर के निर्देशन में बहू की आवाज़ फ़िल्म बनी.

First published: 18 February 2017, 3:18 IST
 
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