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हिन्दू महासभा की शर्मनाक हरकत, बापू की पुण्यतिथि पर पूजा पांडेय ने गांधी जी के पोस्टर को गोली

आकांक्षा अवस्थी | Updated on: 31 January 2019, 9:50 IST

एक तरफ जहां पूरा देश बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा था, वहीं दूसरी ओर हिन्दू महासभा की पूजा सकुन पांडेय एक शर्मनाक हरकत करती हुई नजर आईं. महात्मा गांधी की 71वीं पुण्यतिथि को हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने शौर्य दिवस के रूप में मनाया. शर्मनाक हरकत करते हुए कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की हत्या को फिर से दोहराने का स्वांग रचा. इसके लिए उन्होंने पहले बापू का पोस्टर बनाया और फिर पूजा पांडेय ने उस पोस्टर को निशाना बनाते हुए गोली मारी.

इतना करके भी इन कार्यकर्ताओं का शौर्य दिवस का जश्न पूरा नहीं हुआ और उन्होंने पोस्टर का दहन किया. वहीं देश के राष्ट्रपिता के हत्यारे गोडसे के लिए 'महात्मा नाथूराम गोडसे अमर रहे' के नारे भी लगाए.

कुंठा नहीं तो क्या?

अलीगढ़ में हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय ने जो शर्मनाक हरकत की है उसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं हो सकता. आपको महात्मा गांधी के विचार पसंद नहीं तो आप विरोध करने का हक़ रखते हैं. लेकिन मरणोपरांत एक व्यक्ति के पुतले को दोबारा गोली मारने से सिवाय कुंठा के और कोई सन्देश प्रचारित नहीं होता. पूजा पांडेय के नेतृत्व में ही बापू की पुण्यतिथि को गांधी वध के रूप में मनाते हुए गोडसे की तस्वीर पर पुष्पांजलि भी दी गई. इतना ही नहीं जश्न मनाया गया मिठाई बांटी गई.

संविधान ताक पर रख कर बनाई न्यायपीठ

अखिल भारतीय हिन्दू महासभा जो कि महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की विचारधारा को अपना आदर्श मानते हैं उन्होंने भारत के संविधान को ही ताक पर रख दिया. मेरठ में हिन्दुओं के लिए एक कथित न्यायपीठ को स्थापित किया गया है. इस न्यायपीठ की चीफ जस्टिस डॉ0 पूजा शकुन पांडेय बनाई गई थीं. बता दें, पूजा खुद को सन्यासिनी और मुरली आश्रम की महन्त बताती हैं, जो कि गुजरात में हैं.

पूजा ने इस मामले में कहा कि महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहलाने का कोई अधिकार नहीं है. इतना ही नहीं पूजा ने यहां तक कहा कि अगर वो गोडसे के पहले पैदा हुई होती तो खुद गांधी जी को गोली मार देती.

न्यायपीठ की स्थापना को लेकर पांडेय ने कहा, '' मुसलमानों की शरिया अदालतों की तरह महासभा की लंबे समय से सरकार से मांग थी कि त्वरित न्याय के लिए हिंदुओं के लिए भी धार्मिक न्यायपीठ का प्रावधान होना चाहिए.''

खाप की तरह काम करेगी ये न्यायपीठ

पूजा ने बताया कि इस हिंदू न्यायपीठ में केवल हिंदुओं के मामलों की ही फरियाद सुनी जाएगी. इस न्यायपीठ में गांव-मोहल्लों के झगड़ों के साथ हिन्दू परिवारों के घरेलू मामले भी निपटाये जायेंगे. पूजा शकुन पांडेय ने ये भी बताया, ''पहले बातचीत और आर्थिक जुर्माना से मामलों का हल निकाला जायेगा और अगर बात नहीं बनती तो मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है.''

इतना ही नहीं मृत्युदंड देने के प्रावधान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''जैसे गोडसे ने बंदूक उठाई थी, वैसे ही महासभा के पदाधिकारी सजा देंगे.''

खाप की तरह काम करेगी ये न्यायपीठ

पूजा ने बताया कि इस हिंदू न्यायपीठ में केवल हिंदुओं के मामलों की ही फरियाद सुनी जाएगी. इस न्यायपीठ में गांव-मोहल्लों के झगड़ों के साथ हिन्दू परिवारों के घरेलू मामले भी निपटाये जायेंगे. पूजा शकुन पांडेय ने ये भी बताया, ''पहले बातचीत और आर्थिक जुर्माना से मामलों का हल निकाला जायेगा और अगर बात नहीं बनती तो मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है.''

इतना ही नहीं मृत्युदंड देने के प्रावधान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''जैसे गोडसे ने बंदूक उठाई थी, वैसे ही महासभा के पदाधिकारी सजा देंगे.''

First published: 31 January 2019, 9:50 IST
 
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