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हिन्दू महासभा की योगी से अपील- हाशिमपुरा पर आये फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दें चुनौती

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 November 2018, 10:19 IST

अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने योगी आदित्यनाथ सरकार से 1987 के हाशिमपुरा नरसंहार के सिलसिले में 16 पीएसी कर्मियों को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाये जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने का आग्रह किया है. हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा द्वारा मेरठ जिला मजिस्ट्रेट अनिल ढींगरा को दिये गये एक ज्ञापन में दावा किया कि पीएसी के कर्मचारी निर्दोष थे.

22 मई 1987 को बाबरी मस्जिद के ताले खोलने के बाद मेरठ में एक पीएसी टीम ने हाशिमपुरा में 40 से अधिक मुस्लिम पुरुषों गोली मार दी थी. 40 में से 38 लोगों की मौत हो गई थी. पिछले महीने दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले में 16 पीएसी कर्मियों के पर ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया था.

 

एबीएचएम ज्ञापन ने आरोप लगाया कि गैर-हिंदू व्यक्तियों ने आतंकवादी संगठनों के साथ साजिश रची और मेरठ में सबसे बुरे सांप्रदायिक दंगों के दौरान 172 हिंदुओं की हत्या कर दी, लेकिन कोई पूछताछ का आदेश नहीं दिया गया, जबकि निर्दोष पीएसी कर्मियों को बलात्कार का दोषी बनाया गया.

उन्होंने कहा "हमने गोरखनाथ पीठ के वर्तमान उत्तराधिकारी से आग्रह किया है, जो मुख्यमंत्री हैं कि सर्वोच्च न्यायालय में उचित सरकारी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अपनी सरकारी मशीनरी के माध्यम से निर्दोष पीएसी कर्मियों को न्याय सुनिश्चित करने का काम करें. शर्मा ने कहा ''गोरखनाथ पीठ का गठन हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए किया गया था और वर्तमान में योगी आदित्यनाथ द्वारा इसका प्रतिनिधित्व किया जा रहा है, जिसका प्राथमिक कर्तव्य पीएसी कर्मियों को बचाना है.

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First published: 14 November 2018, 10:10 IST
 
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