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'केवल मां के नाम से भी जारी हो सकता है बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट'

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 September 2016, 11:03 IST
(सांकेतिक तस्वीर)

केवल मां के नाम से भी बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र यानी बर्थ सर्टिफिकेट जारी हो सकता है. जी हां राजस्थान हाईकोर्ट ने यह ऐतिहासिक आदेश दिया है.

एक मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि अगर बिना शादी किए कोई महिला मां बनती है, तो उसके बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र मां के नाम के साथ जारी किया जाए.

हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार को राजस्थान बर्थ एवं डेथ रुल्स 2000 में भी संशोधन के आदेश दिए हैं. अदालत ने ममता स्वामी नाम की महिला की याचिका पर यह फैसला सुनाया है.

'हम किस सदी में जी रहे हैं?'

हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "हम किस सदी में जी रहे हैं. एक तरफ तो महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं और दूसरी तरफ हमारे नियम-कानून ही इसे रोकते हैं."

याचिकाकर्ता ममता स्वामी को तलाक के बाद बच्चे की कस्टडी मिली थी और वो अपने नाम से बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना चाहती थी.

'केवल मां के नाम का भी कॉलम हो'

अदालत ने जयपुर नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर निगम, नगरपालिका और पंचायत को जन्म-प्रमाण पत्र के ऐसे फॉर्म रखने के लिए कहा जिसमें किसी बच्चे का पिता नहीं हो तो सिर्फ मां का नाम लिखने का कॉलम भी हो.

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी तलाकशुदा महिला जिसे अदालत की तरफ से अपने बच्चे की कस्टडी मिली हो, वैसी मां के लिए भी बच्चे के फॉर्म में पिता की जगह केवल मां का नाम लिखकर जन्म प्रमाण पत्र जारी हो.

इसी प्रमाण पत्र को आधार बनाकर आगे किसी भी सरकारी या गैरसरकारी कामों में फॉर्म में केवल मां का नाम लिखने की छूट सरकार सुनिश्चत करे.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भ्रम

दरअसल जस्टिस कंलवलजीत सिंह अहलूवालिया ने रिपोर्टेबल जजमेंट करार देते हुए फैसला लिखा है. 2015 में ही सुप्रीम कोर्ट ने मां के नाम का सर्टिफिकेट जारी करने का फैसला दिया था.

राजस्थान में फैसले से पहले के मामले और सर्टिफिकेट के दोबारा जारी करने को लेकर राज्य सरकार में भ्रम कि स्थिति होने की वजह से ये मामला अब तक लंबित था.

हाईकोर्ट ने पुराने मामले और सर्टिफिकेट के रिइशू पर भी इसे लागू करने के आदेश दिए हैं. साथ ही कोर्ट ने आदेेश में कहा कि शादी के बाद अगर मां-बाप अलग हो जाते हैं और बच्चा मां के पास रहता है, तो पुराने सर्टिफिकेट से पिता का नाम हटाकर नया सर्टिफिकेट केवल मां के नाम से जारी किया जाए.

First published: 26 September 2016, 11:03 IST
 
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