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हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय का अंत, घाटी में घमासान जारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2016, 8:10 IST
(एजेंसी)

कश्मीर में 8 जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से पूरी कश्मीर घाटी में हिंसा फैली हुई है.

बुरहान वानी के सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम था. वह अनंतनाग के कोकरनाग इलाके में राष्ट्रीय रायफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया.

बुरहान के मरने के बाद फैले विरोध प्रदर्शनों में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 250 लोग घायल बताए जा रहे हैं. जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों के 96 जवान भी शामिल हैं.

घाटी में हिंसक हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने 1200 अतिरिक्त पैरामिलिट्री के जवानों की तैनाती की है. इस दौरान कुछ समय के लिए अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया था. श्रीनगर में लगभग 5000 अमरनाथ श्रद्धालु फंसे हुए हैं.

हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय के नाम से चर्चित बेखौफ बुरहान 22 साल के उम्र में इस कदर कुख्यात हुआ कि उसके जनाजे में अलगाववादी पाकिस्तान का झंडा उठाए चल रहे थे और त्राल के उस कब्रिस्तान से सुरक्षाबलो को शांति-व्यवस्था के नाम पर दूर रखा गया. 22 साल का आतंकी बुरहान का सफर:

पाक झंडे के साथ निकली बुरहान की शवयात्रा

आतंक का नया चेहरा

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र के दादसारा गांव में एक स्कूल प्रिंसिपल के घर पैदा हुआ बुरहान 16 अक्टूबर 2010 में अपने घर से भाग गया.

15 साल की उम्र में उसने यह कदम अपने बड़े भाई खालिद मुजफ्फर वानी की सेना के साथ मुठभेड़ में हुई मौत के बाद उठाया.

उसका आरोप था सेना ने उसके भाई की हत्या की है. वह साल 2011 में हिजबुल से जुड़ गया.

वीडियो जारी करने का शौक

बुरहान सोशल मीडिया में वीडियो जारी करके कश्मीर के 30 साल से कम उम्र के युवाओं को हिजबुल के साथ जुड़ने की अपील करता था.

बीते दिनों अनंतनाग में तीन पुलिसकर्मियों की मौत के बाद आखिरी वीडियो में बुरहान वानी ने सुरक्षा बलों पर और हमले करने की धमकी दी थी.

इसके अलावा उसने जून 2016 को अमरनाथ यात्रा के सिलसिले में एक वीडियो जारी किया था. जिसमें उसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती देते हुए अमरनाथ यात्रा का विरोध नहीं करने की बात कही थी.

जाकिर नाईक का समर्थक

बुरहान वानी इस्लामी उपदेशक जाकिर नाईक का बड़ा समर्थक था. उसने ट्विटर पर जाकिर नाईक के समर्थन में कई पोस्ट किए थे.

मुठभेड़ में मरने से कुछ मिनट पहले बुरहान ने नाईक के समर्थन में ट्वीट किया था कि, 'ज़ाकिर नाईक को सपोर्ट करें, वरना एक दिन आएगा जब कुरान पढ़ने पर भी पाबंदी लग जाएगी.'

ट्वीटर पर जाकिर को समर्थन

गौरतलब है कि बीते दिनों ढाका में आतंकी हमला करने वाले भी जाकिर नाईक से प्रभावित बताए जा रहे हैं.

सुरक्षाबलों का बड़ा विरोधी

बुरहान ने श्रीनगर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित पुलवामा में अपने नाम से पोस्टर लगवाए थे. जिसमें उसने स्थानीय टाटा सूमो ड्राइवरों को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह सेना के लोगों को किसी तरह की गाड़ियां न दें और उनका विरोध करें.

फोटो का शौक

बुरहान वानी ने मरने से कुछ दिन पहले ही अपने साथी आतंकियों के साथ सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी. इसमें वह और उसके साथी सेना की वर्दी में थे और सबने अपने हाथों में एके 47 राइफल ले रखी थीं.

आतंकियों के साथ पोस्टर ब्वॉय

इस तस्वीर के सामने आने के बाद कश्मीरी अलगाववादियों के बीच बुरहान एकदम हीरो की तरह हो गया था. बुरहान के साथ फोटो में दिख रहे ज्यादातर आतंकी सुरक्षाबलों के द्वारा ढेर किए जा चुके हैं.

पिता ने बताया शहीद

बुरहान वानी के पिता ने उसकी मौत पर कहा है कि उन्हें गर्व है. स्कूल प्रिंसिपल मुजफ्फर अहमद वानी ने कहा है कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर फख्र महसूस हो रहा है.

वानी के पिता

वानी ने कहा कि,‘मुझे पता था कि मेरा बेटा एक दिन नाम रोशन करेगा और आखिरकार उसने शहादत पा ही ली. उसने अपने फर्ज के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी है और अल्लाह उसे जन्नत नसीब करेंगे’.

बुरहान के पिता ने कहा कि अगर उसका तीसरा बेटा भी कश्मीर के जेहाद की राह पर जाना चाहेगा तो वो उसे भी नहीं रोकेंगे.

मौत पर किसने-किसने क्या कहा

बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में फैली हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "मैं कश्मीर के लोगों से अपील करता हूं कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखें."

बीजेपी महासचिव राम माधव ने आतंक और हिंसा पर कहा कि, "सरकार ऐसी किसी भी स्थिति से सख्ती के साथ निपटेगी."

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दो ट्वीट किये. उन्होंने पहले ट्वीट में कहा कि, "मेरे शब्द याद रखिएगा. बुरहान जितने लोगों को सोशल मीडिया के जरिए चरमपंथ की तरफ लाता, उससे कहीं ज्यादा लोगों को अपनी कब्र से इस तरफ लाने में सक्षम है."

अब्दुल्ला ने दूसरे ट्वीट में कहा कि कहा, "वर्षों बाद मैंने श्रीनगर के मस्जिद में आजादी के नारे सुने. कश्मीर के निराश लोगों को उनका नया हीरो मिल गयाा है."

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी और जेकेएलएफ चेयरमैन यासीन मलिक ने बुरहान की मौत को शहादत करार देते हुए विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की है.

मोदी सरकार चौकन्नी

बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से घाटी में हुई हिंसक वारदात ने मोदी सरकार के कान खड़े कर दिए हैं. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर की स्थिति का जायजा लेने के लिए अपने आवास पर रविवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा रिव्यू मीटिंग बुलाई.

इस मीटिंग में होम सेक्रेटरी के अलावा ज्वाइंट सेक्रेटरी (कश्मीर डिवीजन), आईबी चीफ और मंत्रालय के उच्च अधिकारी शामिल हुए. कश्मीर में जारी हिंसा के कारण राजनाथ सिंह ने रविवार को अपना जन्मदिन मनाने से इनकार कर दिया.

First published: 11 July 2016, 8:10 IST
 
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