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किसान क्रांति यात्रा : राजनाथ से मुलाकात के बाद सरकार और किसानों के बीच 7 मांगों पर सहमति

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 October 2018, 14:31 IST

सरकार और किसान क्रांति यात्रा का आयोजन कर रहे किसानों के बीच सात मांगों पर सहमति बनने की खबर है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किसानों के नेताओं से मुलाकात की और उनकी मांगों पर चर्चा की. ख़बरों के अनुसार अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है. कृषि मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा '' किसानों से यूपी के मंत्री लक्ष्मी नारायण, सुरेश राणा और मैं  मिलने जायेंगे. 

राजघाट की ओर बढ़ रहे इन किसानों की प्रमुख मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), डीजल और बिजली की कीमतें और किसानों की गन्ने की बकाया राशि का भुगतान हैं. पिछले कुछ महीनों में देश भर में लगातार किसानों के विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमे किसानों की मांग स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना शामिल हैं. इस साल की शुरुआत में अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने किसान मार्च का आयोजन किया.

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न्ना सीजन समाप्त होने के तीन महीने बाद यूपी में लंबित गन्ना की बकाया राशि 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. जो कि किसानों को गंभीर परेशानी का कारण रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बढ़ती हुई गन्ना पैदावार और बढ़ती बुवाई से अधिशेष चीनी उत्पादन हुआ है. 2017-18 के कृषि वर्ष में भारत ने 32 मिलियन टन चीनी का उत्पादन किया, जबकि मांग केवल 25 मिलियन टन थी, जिससे चीनी की कीमतों में कमी आयी. चीनी मिलों ने तर्क दिया है कि लंबित बकाया राशि का भगतां करने की उनकी क्षमता नहीं है.

2017 के यूपी चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गन्ना किसानों को देरी से भुगतान के मुद्दे को स्वीकार किया था, यह वादा किया था कि अगर बीजेपी चुनाव जीत जाती है तो उन्हें 14 दिनों के भीतर भूटान की मंजूरी दे दी जाएगी. यूपी में गन्ने की देनदार बकाया मिलों द्वारा खरीदी गई कुल गन्ना के मूल्य का 37% था. देश में लंबित बकाया 22,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ज्यादा है.

First published: 2 October 2018, 14:25 IST
 
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