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आतंकपरस्त पाक के खिलाफ राजनाथ के सुर पर संसद एकजुट

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2016, 12:55 IST
(राज्यसभा टीवी)

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान दौरे पर राज्यसभा में बयान दिया. गुरुवार को राजनाथ सिंह ने सार्क सम्मेलन के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई थी.

राजनाथ सिंह ने अपने पाकिस्तान दौरे के बारे में राज्यसभा और लोकसभा में जानकारी दी. इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, "कोई आतंकवादी स्वतंत्रता सेनानी नहीं हो सकता. आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाना जरूरी है."

'सार्क देशों ने की आतंकवाद की निंदा'

राजनाथ ने सार्क समिट में गृहमंत्रियों के सम्मेलन के दौरान अपने भाषण की बातें दोहराते हुए कहा कि एक देश का आतंकी दूसरे देश का शहीद कैसे हो सकता है. अच्छे-बुरे आतंक में फर्क न किया जाए और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

राजनाथ ने इस्लामाबाद में अपने संबोधन के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "आतंक को पनाह देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही आतंकवाद का महिमामंडन बंद हो. सार्क देशों ने आतंकवाद की घोर निंदा की  है."

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राजनाथ ने इस दौरान कहा कि पड़ोसी देश में जो वांछित आतंकी हैं, उनका प्रत्यर्पण होना चाहिए. इस बारे में भी सार्क सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन के बारे में सदस्यों को जानकारी दी. राजनाथ ने इस दौरान कहा कि आतंकवादी मानवाधिकार के सबसे बड़ा दुश्मन हैं.

ब्लैक आउट पर बोले राजनाथ

राजनाथ सिंह ने कहा, "आतंकवाद के सवाल पर देश के नेताओं और जवानों ने की बार कुर्बानियां दी हैं. मुझे यह कहने में रंच मात्र भी संकोच नहीं है कि सभी प्रधानमंत्रियों ने पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की.

राजनाथ ने कहा, "सभी ने आतंकवाद को उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्धता जताई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी भूमिका का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन कर रहे हैं." 

राजनाथ ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के बयान का जिक्र करते हुए कहा, "दोस्त बदल जाते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं बदलता. पीएम मोदी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के साथ दरियादिली दिखाई."

वहीं पाकिस्तान में उनके दौरे के वक्त प्रदर्शन के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा, "मुझे विरोध प्रदर्शन की फिक्र होती तो पाकिस्तान नहीं जाता. मैंने पाकिस्तान में हुए बर्ताव को लेकर कोई विरोध दर्ज नहीं कराया है."

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साथ ही मीडिया के द्वारा उनके भाषण को ब्लैक आउट करने के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा, " ऐसा जानबूझकर किया गया या नहीं, इसका उत्तर देना ठीक नहीं होगा. मेरे भाषण का प्रसारण हुआ नहीं हुआ इसका उत्तर देना कठिन है. हां यह सही है कि पाकिस्तान में भारत के सरकारी मीडिया को रोका गया."

राजनाथ ने संसद में कहा, "मैं उस वक्त अपना भाषण दे रहा था. स्पीच जो ब्लैक आउट कर दी गई. क्या इसकी पहले परंपरा रही है. विदेश मंत्रालय से मुझे इस बारे में प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी लेनी पड़ेगी."

इस्लामाबाद में सार्क कॉन्फ्रेंस के दौरान लंच से पहले दिल्ली रवाना होने के बारे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को जानकारी दी.

राजनाथ ने कहा, "यह बात सच है कि मीटिंग खत्म होने के बाद जो मेजबान थे, उन्होंने सबको लंच पर आमंत्रित किया. लेकिन वो (पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री) खुद गाड़ी पर बैठे और चले गए. मुझे भी देश की मर्यादा का ध्यान रखते हुए जो भी करना था वो किया."

राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में इस दौरान कहा, "मुझे इसको लेकर कोई नाराजगी नहीं है. मैं वहां भोजन करने नहीं गया था."

'ये पड़ोसी है कि मानता नहीं'

इसके अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ को कार्रवाई के बारे में निर्देशों को लेकर भी राय रखी.

राजनाथ सिंह ने कहा, "सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि संयम से काम लेना होगा. गोली भी अपनी तरफ से चलाने की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर चल जाती है, तो क्या होना चाहिए इसकी अनुमति लेने की भी जरूरत नहीं है."

साथ ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार है. हमारी तरफ से संबंध सुधारने के लिए जितना कुछ संभव था किया, लेकिन ये पड़ोसी है कि मानता नहीं."

साथ ही राजनाथ ने एक सुर में सांसदों के साथ आने के लिए शुक्रिया अदा किया. राजनाथ ने कहा, "सभी एकजुट होकर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए खड़े हो गए. इसके लिए सभी सांसदों का मैं आभार जताता हूं."

राजनाथ के साथ संसद

राजनाथ ने कहा कि खास तौर से वह कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, भाजपा के सुब्रमण्यम स्वामी, बसपा की मायावती और समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव का आभार प्रकट करते हैं.

इस्लामाबाद में सार्क सम्मेलन के दौरान राजनाथ सिंह के रवैए का इस दौरान सभी सांसदों ने समर्थन किया. कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा, "मैं बाकी सदस्यों के रुख के साथ हूं, जिन्होंने पाकिस्तान में प्रोटोकॉल नहीं फॉलो करने की कड़ी निंदा की है. साथ ही गृह मंत्री के मजबूत संदेश का मैं समर्थन करता हूं."

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इस दौरान अपने विचार व्यक्त किए. मायावती ने कहा, "सार्क सम्मेलन में पाकिस्तान के रवैए के बारे में मीडिया रिपोर्ट पर मैं कहना चाहती हूं कि गृह मंत्री को इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके भारत-पाक रिश्तों पर रणनीति के बारे में दोबारा विचार करना चाहिए."

वहीं जनता दल यूनाइटेड के शरद यादव ने भी इस मामले में राजनाथ सिंह और सरकार का समर्थन किया.

शरद यादव ने कहा, "पाकिस्तान ने जिस तरीके से प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और हमारे गृह मंत्री के साथ बर्ताव किया है, सारा देश उसके खिलाफ एकजुट है. इसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं."

First published: 5 August 2016, 12:55 IST
 
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