Home » इंडिया » Hopes of re-establishing contact with Chandrayaan-2's lander seems to be all but over
 

लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की उम्मीदें हुई खत्म, चांद पर हो गई रात

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 September 2019, 11:25 IST

भारत के मिशन चंद्रयान -2 के लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित होने उम्मीद चांद पर रात होने के साथ ही ख़त्म हो गई. विक्रम का जीवनकाल 14 दिन का था. आज यानी शनिवार तड़के चांद पर रात शुरू हो जाएगी और रात होते ही विक्रम को सनलाइट मिलनी बंद हो जाएगी.

चांद पर एक चंद्रदिन 14 दिनों का होता है. लैंडर विक्रम का 7 सितंबर को इसरो ग्राउंड स्टेशन के साथ संपर्क टूट गया था, उस वक्त चंद्रमा की सतह से यह सिर्फ 2. 1 किलोमीटर की दूरी पर था. इसरो द्वारा तब से लगातार लैंडर के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे थे.

लैंडर विक्रम को चंद्र सतह पर एक सॉफ्ट -लैंडिंग निष्पादित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था. इसरो ने कहा है कि एक बार चांद पर रात होने के बाद लैंडर को अपने काम के लिए बिजली पैदा करने के लिए धूप नहीं होगी. इसरो ने कहा कि इस दौरान चंद्रमा पर काफी ठंड होगी और भारी ठंडे तापमान में काम करने के लिए विक्रम को डिज़ाइन नहीं किया गया था.

अंतरिक्ष एजेंसी ने गुरुवार को कहा था कि एक राष्ट्रीय स्तर की समिति जिसमें शिक्षाविद शामिल हैं और इसरो विशेषज्ञ चंद्रयान -2 लैंडर के साथ संचार टूटने के कारण का विश्लेषण कर रहे हैं. 8 सितंबर को इसरो ने कहा कि चंद्रयान -2 ऑर्बिटर के ऑन-बोर्ड कैमरे में लैंडर विक्रम की लोकेशन का पता चला है. इसरो ने कहा था कि अब तक चंद्रयान -2 मिशन के उद्देश्यों में से 90 से 95% तक काम पूरा हो चुका है और यह लूनर विज्ञान में योगदान देता रहेगा.

क्या है देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का किराया, बुकिंग आज से शुरू

First published: 21 September 2019, 11:09 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी