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कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान की कैद में रहे फ्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता कैसे आये थे भारत ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 February 2019, 12:18 IST

भारत ने पाकिस्तान से विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने की मांग की है. MEA ब्रीफिंग से पहले, पाकिस्तान सेना ने एक 46 सेकंड का वीडियो जारी किया था जिसमें दावा किया गया था कि वह IAF के विंग कमांडर अभिनंदन हैं. बाद में एक और वीडियो जारी किया गया. जिसमे दिखाया गया कि पाकिस्तान आर्मी पायलट से अच्छा व्यवहार कर रही है. अभिनंदन की गिरफ़्तारी 1999 में पाकिस्तान की कैद में रहे पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता की याद दिलाती है. 27 मई, 1999 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता को पाकिस्तानी सेना ने कैद कर लिया था.

उस वक़्त पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त जी पार्थसारथी थे उन्होंने नचिकेता को वापस भारत लाने के लिए पाक पीएम नवाज शरीफ से बातचीत की थी. इकनोमिक टाइम्स में के लेख में पार्थसारथी ने उस वक्त की पूरी कहानी बयां की है. उस वक़्त भारत आने के बाद राष्ट्रपति के आर नारायणन और प्रधानमंत्री वाजपेयी ने एक नायक के रूप में बधाई दी. इसी युद्ध में स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा 27 मई को कैद में दुश्मन द्वारा मारे गए थे.

नचिकेता ने 2016 में एक साक्षात्कार के दौरान हिंदुस्तान टाइम्स को बताया "यह बहुत कठिन था. मैं उस अनुभव का शब्दों में वर्णन नहीं कर सकता. उस समय मुझे लगा कि शायद मेरे पास मृत्यु एक सरल उपाय है. लेकिन मैं ईश्वर का शुक्रगुजार हूं कि भाग्य मेरे साथ था. मैंने गंभीर मानसिक और शारीरिक यातनाएं झेलीं.

इस बीच भारत के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने भी के नचिकेता की रिहाई के लिए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया था. छानबीन करने वाले मीडिया और अन्य राष्ट्रों की ओर झुकते हुए पाकिस्तान ने आखिरकार कम्बम्पति नचिकेता को पाकिस्तान में रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति को सौंप दिया. फिर उसे वाघा सीमा के माध्यम से घर लौटा दिया गया.

 

क्या हुआ था नचिकेता के साथ

पार्थसारथी लिखते हैं कि ''27 मई 1999 की सुबह के शुरुआती समय में मिग 27 लड़ाकू विमान के पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट (अब ग्रुप कैप्टन) कंबम्पति नचिकेता को कारगिल संघर्ष के दौरान बटालिक सेक्टर में निशाना बनाने का काम सौंपा गया था. ज़मीनी सैन्य लक्ष्य पर अपना पहला हमला करने के बाद नचिकेता दूसरे हमले के लिए वापस आया. उनका विमान अमेरिकी ‘स्टिंगर’ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से टकराया था और उनके विमान का इंजन जलकर खाक हो गया''.

वह लिखते हैं ''एलओसी के पार पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला करने वाले पायलटों की समस्या यह थी कि वे कभी-कभी ऐसे मिसाइल हमलों के लिए अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य होते थे, क्योंकि उनके पास पैंतरेबाज़ी करने के लिए अपेक्षाकृत छोटा क्षेत्र होता था, क्योंकि निर्देश के मुताबिक उन्हें नियंत्रण रेखा पार नहीं करना होता था. भागने के उनके प्रयासों के बावजूद, पाकिस्तानी सेना के एक गश्ती दल ने नचिकेता को पकड़ लिया. इसके बाद इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग को बताया गाय था कि नचिकेता को पकड़ लिया गया था और हिरासत में रखा गया था. कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने घोषणा की कि नचिकेता को भारत लौटा रहे हैं''.

वह बताते हैं ''बमुश्किल एक घंटे बाद मुझे विदेशी कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया कि नचिकेता को विदेश कार्यालय में मुझे सौंप दिया जाएगा. कहा गया कि नचिकेता को मुझे जिन्ना कक्ष में सौंप दिया जाएगा, जहां मीडिया के सदस्यों सहित बड़ी सभाओं को आमंत्रित किया गया था. पार्थसारथी लिखते हैं कि ''वियना कन्वेंशन के प्रावधानों के अनुसारकिसी भी समारोह में भाग लेने के का कोई सवाल ही नहीं था''.

विंग कमांडर अभिनन्दन को कैसे लाया जा पाकिस्तान से भारत वापस ?

First published: 28 February 2019, 12:00 IST
 
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