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नोटबंदीः संसद में सवाल, सरकार के पास जवाब नहीं

चारू कार्तिकेय | Updated on: 11 February 2017, 5:42 IST
(गेटी इमेजेज़)

नोटबंदी से जनता अब भी परेशान है. बहुत से लोग अब भी यह गुत्थी सुलझाने में लगे हैं कि नरेंद्र मोदी सरकार ने यह कवायद क्यों की? और जिस ढंग से सरकार नोटबंदी से जुड़े सवालों का संसद में जवाब दे रही है, उससे लग रहा है कि सरकार को अपने ही इस कदम को सही ठहराने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है. 

1 फरवरी को शुरू हुए बजट सत्र में लोकसभा में नोटबंदी को लेकर कम से कम एक दर्जन सवाल पूछे गए. नोटबंदी के सरकारी आकलन से लेकर बैंकों से नकद निकासी, बैंक कर्मियों द्वारा की गई अनियमितताओं और जन-धन खातों में जमा संबंधी सवाल पूछे गए.

3 फरवरी को सरकार से पूछा गया कि क्या सरकार ने नोटबंदी के कदम का आकलन कर लिया है कि यह सफल रहा या विफल? साथ ही यह भी पूछा गया कि नोटबंदी के जरिये काला धन निकलवाने में सरकार कितनी सफल रही? इसके अलावा, जाली नोट पकड़ने, आतंकवाद के सफाए, उग्रवाद को मिलने वाली वित्तीय सहायता रोकने, कैशलैस और डिजिटल अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने व उच्च कर राजस्व का लक्ष्य पाने में सरकार किस हद तक कामयाब रही?

गौरतलब है कि ये सवाल पूछने वाले ज्यादातर सांसद भाजपा के हैं या उन पार्टियों के, जो भाजपा का समर्थन कर रही हैं. इनमें भाजपा के शमाराव धोत्रे, भाजपा के ही सत्यपाल सिंह, दुष्यंत सिंह, शिवसेना के राहुल रमेश शेवाले, वाईएसआरसीपी के वाई.एस. अविनाश रेड्डी और टीआरएस के कोथा प्रभाकर रेड्डी शामिल हैं. उन्होंने सरकार से पूछा कि सामान्य हालात बहाली और कैश आधारित उद्योगों, असंगठित क्षेत्रों, किसानों, मजदूरों और अन्य प्रभावितों को राहत देने के लिए सरकार क्या कर रही है?

सरकार की प्रतिक्रिया

नोटबंदी के आकलन और सरकार की उपलब्धियों के बारे में पूछे जाने पर सरकार कहती है कि नोटबंदी से एक ‘‘नई तरह की सामान्य’’ व्यवस्था बहाल की जाएगी. इसमें जीडीपी अधिक बड़ी, साफ और सटीक होगी. और यह कदम सरकार के भ्रष्टाचार मिटाने, काले धन का सफाया करने, जाली नोट और आतंक को फंडिंग रोकने के संकल्प को पूरा करने के लिए ही उठाया  गया है. 

सरकार की उपलब्ध्यिां 

1- 1100  से ज्यादा खोज और सर्वे किए गए और आयकर विभाग ने 5100 से ज्यादा नोटिस जारी किए.2- 610 करोड़ रूपए की कीमत का सामान जब्त. 513 करोड़ रूप्ए की नकदी भी शामिल.3- 110 करोड़ रूपए मूल्य के नए करेंसी नोट जब्त4- 10 जनवरी तक 5400 करोड़ रूप्ए की अघोषित आय पकड़ना

सरकार ने बड़ी ही आसानी से यह सवाल टाल दिया कि उसे कालेधन, जाली नोट पकड़ने, आतंक को फंडिंग रोकने में वह कितनी सफल रही? सरकार ने अपने जवाब में एक तो उपरोक्त सूची दे दी और कुछ ऐसे कदम गिना दिए जो उसने नोटबंदी से काफी पहले उठाए थे. ये हैं...

1- काले धन की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन करना2- काले धन (अघोषित विदेशी आय और सम्पत्ति) और कर अधिनियम 2015 लागू करना और3- बेनामी लेन-देन (प्रतिरोधी) अधिनियम 1988 में संशोधन

एक और सवाल? जवाब वही

दूसरे कई सांसदों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब भी तकरीबन यही दिया गया.

1- नोटबंदी अभियान के तहत नए-पुराने नोटों के रूप में काला धन और सोना जब्त किया गया. 

2- नोटबंदी के तहत लगभग सारे पुराने नोट तय तिथि तक बैंकों में जमा हो गए.

3- इसी दौरान सरकार ने कालेधन के खिलाफ अभियान के तहत नए नोट भी जब्त किए.

4- छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में काला धन और अघोषित संपत्तियां पकड़ी गई.

5- सरकार ने जवाब देते हुए अपने पुराने ही आंकड़े दोहराए; जैसे-

6- 8 नवम्बर 2016 को 500 रूपए के 1716.5 करोड़ नोट बाजार में चलन में थे. 

7- 1000 रूपए के 685.8 करोड़ नोट चलन में थे.

8- 10 दिसम्बर 2016 तक आरबीआई में पहुंचे 500 और 1000 रूपए के नोटों की कीमत 12.44 लाख रूपए आंकी गई.

एक बार फिर सरकार के जवाब में काला धन, आतंकवाद को फंडिंग, जाली नोट जैसे मुद्दे गायब थे.

और भी अस्पष्ट

First published: 4 February 2017, 12:23 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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