नोटबंदीःसंसद में सवाल, सरकार के पास जवाब नहीं

चारू कार्तिकेय | Updated on: 11 February 2017, 5:52 IST
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नोटबंदी से जनता अब भी परेशान है. बहुत से लोग अब भी यह गुत्थी सुलझाने में लगे हैं कि नरेंद्र मोदी सरकार ने यह कवायद क्यों की? और जिस ढंग से सरकार नोटबंदी से जुड़े सवालों का संसद में जवाब दे रही है, उससे लग रहा है कि सरकार को अपने ही इस कदम को सही ठहराने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है. 

1 फरवरी को शुरू हुए बजट सत्र में लोकसभा में नोटबंदी को लेकर कम से कम एक दर्जन सवाल पूछे गए. नोटबंदी के सरकारी आकलन से लेकर बैंकों से नकद निकासी, बैंक कर्मियों द्वारा की गई अनियमितताओं और जन-धन खातों में जमा संबंधी सवाल पूछे गए.

3 फरवरी को सरकार से पूछा गया कि क्या सरकार ने नोटबंदी के कदम का आकलन कर लिया है कि यह सफल रहा या विफल? साथ ही यह भी पूछा गया कि नोटबंदी के जरिये काला धन निकलवाने में सरकार कितनी सफल रही? इसके अलावा, जाली नोट पकड़ने, आतंकवाद के सफाए, उग्रवाद को मिलने वाली वित्तीय सहायता रोकने, कैशलैस और डिजिटल अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने व उच्च कर राजस्व का लक्ष्य पाने में सरकार किस हद तक कामयाब रही?

गौरतलब है कि ये सवाल पूछने वाले ज्यादातर सांसद भाजपा के हैं या उन पार्टियों के, जो भाजपा का समर्थन कर रही हैं. इनमें भाजपा के शमाराव धोत्रे, भाजपा के ही सत्यपाल सिंह, दुष्यंत सिंह, शिवसेना के राहुल रमेश शेवाले, वाईएसआरसीपी के वाई.एस. अविनाश रेड्डी और टीआरएस के कोथा प्रभाकर रेड्डी शामिल हैं. उन्होंने सरकार से पूछा कि सामान्य हालात बहाली और कैश आधारित उद्योगों, असंगठित क्षेत्रों, किसानों, मजदूरों और अन्य प्रभावितों को राहत देने के लिए सरकार क्या कर रही है?

सरकार की प्रतिक्रिया

नोटबंदी के आकलन और सरकार की उपलब्धियों के बारे में पूछे जाने पर सरकार कहती है कि नोटबंदी से एक ‘‘नई तरह की सामान्य’’ व्यवस्था बहाल की जाएगी. इसमें जीडीपी अधिक बड़ी, साफ और सटीक होगी. और यह कदम सरकार के भ्रष्टाचार मिटाने, काले धन का सफाया करने, जाली नोट और आतंक को फंडिंग रोकने के संकल्प को पूरा करने के लिए ही उठाया गया है. 

सरकार की उपलब्धियां 

1100 से ज्यादा खोज और सर्वे किए गए और आयकर विभाग ने 5100 से ज्यादा नोटिस जारी किए.

610 करोड़ रूपए की कीमत का सामान जब्त. 513 करोड़ रूपए की नकदी भी शामिल.

110 करोड़

First published: 1 January 1970, 5:30 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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