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आपातकाल के काले अध्यायों को स्कूली किताबों में पढ़ाएगी मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2018, 15:25 IST

मोदी सरकार ने तय किया है कि साल 1975 में इंदिरा सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल के काले अध्यायों को स्कूली किताबोें के पाठ्यक्रमों में पढ़ाया जाए. जिससे देश की आने वाली पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास के बारे में पता चल सके. बता दें कि भारतीय जनता पार्टी आज आपातकाल को काला दिवस के रूप में मना रही है.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए कहा कि पाठ्यक्रमों में आपातकाल से जुड़े विषय तो हैं, लेकिन आपातकाल किस तरह लागू किया गया और लोकतंत्र के इतिहास में इसे काला अध्याय क्यों कहा जाता है, इन सब की जानकारियां उतनी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इसे भी वह पाठ्यक्रमों में शामिल करवाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी इसके बारे में जान सके.

 

जावड़ेकर ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रमों में आपातकाल के काले अध्यायों को शामिल कराने से आने वाली पीढ़ी जान सकेगी कि उनके पूर्वजों ने इमरजेंसी के दौरान किस-किस तरह की यातनाएं झेली थीं. उन्होंने आपातकाल को काला अध्याय और देश में लोकतंत्र पर हमला बताया.

जावड़ेकर ने कहा कि देश को आपातकाल में झोंकने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की दुहाई दे रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश में प्रेस और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में बात करने से पहले माफी मांगनी चाहिये. 

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जावड़ेकर ने कहा कि आपातकाल अब महज शब्द लगता है, लेकिन यह वास्तव में बहादुरी की कहानी और संघर्ष का उत्सव है, जो पाबंदियों और अधिकारों में कटौती के दौर को खत्म करने के लिये लड़ा गया था. 

बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून, 1975 से लेकर 21 मार्च, 1977 तक आपातकाल घोषित कर दिया गया था. आपातकाल के दौरान लाखों लोगों को जेल में भेज दिया गया था. मीडिया को भी सरकार ने अपने नियंत्रण में रखा था. 21 महीने तक लगातार आपातकाल चला.

First published: 26 June 2018, 15:17 IST
 
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