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अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, राष्ट्रपति कोविंद ने दी मंजूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 August 2020, 7:28 IST

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) की मंजूरी के बाद अब मानव संसाधन मंत्रालय (HRD Ministry) को शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) के नाम से जाना जाएगा. पिछलेे महीने 29 तारीख को ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया गया था. अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस बदलाव को मंजूरी दे दी है. यह नाम 1986 की शिक्षा नीति (NEP) की जगह लेगा. शिक्षा नीति को मंजूरी मिल जाने के बाद अब पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही रेगुलेटरी बॉडी होगी, जिससे शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था को खत्म किया जा सके.

सोमवार को जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, मानव संसाधन मंत्रालय अब अपने नए नाम शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा. बता दें कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के मसौदे में मंत्रालय का नाम बदलने समेत कई अहम सिफारिशें की गयी थीं. पिछले महीने ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस नीति को मंजूरी दी थी. सोमवार रात प्रकाशित गजट अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय करने को मंजूरी दे दी है.


बता दें कि शिक्षा मंत्रालय का नाम 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में बदलकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय कर किया गया था. इसके अगले साल एनईपी लाई गई और उसे 1992 में संशोधित किया गया था. मोदी सरकार (Modi Government) ने इसरो (ISRo) के पूर्व अध्यक्ष के कस्तूरीरंगन की अगुवाई में एक समिति को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाने का जिम्मा सौंपा था. समिति ने पहला प्रस्ताव मंत्रालय का नाम फिर बदलने का दिया था. इससे पूर्व साल 2018 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष और ‘कॉन्फ्रेंस ऑन एकेडमिक लीडरशिप ऑन एजुकेशन फॉर रिसर्जेंस’ की संयुक्त संगठन समिति के भी अध्यक्ष राम बहादुर राय ने यह विचार रखा था.

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नई शिक्षा नीति के मुताबिक, अब 3 साल से 18 साल के बच्चों को शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 के अंदर लाया जाएगा. आने वाले समय में शिक्षक और छात्रों का अनुपात 1:30 का होगा. नई शिक्षा नीति में कहानी, रंगमंच, सामूहिक पठन पाठन, चित्रों का डिस्प्ले, लेखन कौशलता, भाषा और गणित पर भी जोर दिया जाएगा. इस नई शिक्षा नीति के तहत देश में शिक्षा के उद्देश्य को बदल दिया जाएगा. इससे न सिर्फ युवाओं को शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि रोजगार प्राप्त करने में भी आसानी होगी. बता दें कि केंद्र सरकार ने 34 साल बाद देश में स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव किए गए हैं.

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First published: 18 August 2020, 7:28 IST
 
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