Home » इंडिया » hrd recommend to terminate pondicherry university vc
 

विश्‍व भारती के बाद पुडुचेरी यूनीवर्सिटी की कुलपति को हटाएगी केंद्र सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2016, 17:15 IST
(पुदुचेरी यूनिवर्सिटी)

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कानूनी सलाह के बाद पुडुचेरी यूनीवर्सिटी की वीसी चंद्रा कृष्‍णमूर्ति को बर्खास्‍त करने की सिफारिश राष्‍ट्रपति के पास भेज दी है. वीसी चंद्रा कृष्‍णमूर्ति पर धोखाधड़ी का आरोप है.

मंत्रालय के मुताबिक कृष्‍णमूर्ति को बर्खास्‍त करने का फैसला इसलिए किया गया, क्‍योंकि उनका इस्‍तीफा सही अधिकारी को नहीं भेजा गया.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सिफारिश पर अगर राष्‍ट्रपति इस प्रस्‍ताव को मंजूरी दे देते हैं, तो कृष्‍णमूर्ति ऐसी दूसरी केंद्रीय यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर होंगी, जिन्हें मोदी सरकार के द्वारा बर्खास्‍त किया जाएगा.

गौरतलब है कि स्मृति ईरानी के मंत्रालय ने इसी साल फरवरी में पश्चिम बंगाल के विश्‍व भारती विश्वविद्यालय के वीसी सुशांत दत्‍ता गुप्‍ता को आर्थिक और प्रशासनिक गड़बड़ियों में हटा दिया था.

साहित्यिक चोरी का आरोप

कृष्‍णमूर्ति पर आरोप है कि उन्होंने अपनी किताब के लिए न केवल साहित्‍य‍क चोरी की, बल्‍कि सीवी में कुछ ऐसी किताबों का भी जिक्र किया है, जो दरअसल कभी छपी ही नहीं थी.

इसके बाद 21 अगस्‍त 2015 को राष्‍ट्रपति ने चंद्रा कृष्‍णमूर्ति को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

वहीं इससे पहले यूनीवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने भी उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी थी. उस जांच में कमीशन ने कृष्णमूर्ति को गंभीर अकादमिक धोखाधड़ी का दोषी पाया था.

डी-लिट की फर्जी डिग्री

इसके साथ ही कमीशन की रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ कि उनकी डी-लिट की डिग्री फर्जी है. कृष्‍णमूर्ति ने इस साल राष्‍ट्रपति के नोटिस का जवाब भी दिया था, लेकिन मानव संसाधन मंत्रालय उनके जवाब से संतुष्‍ट नहीं था.

इसके बाद कृष्णमूर्ति ने इस साल मई में बर्खास्‍तगी के डर से इस्‍तीफा दे दिया था, लेकिन उन्होंने अपना इस्‍तीफा राष्‍ट्रपति के बजाए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा था.

मंत्रालय को भेजा था इस्तीफा

कृष्णमूर्ति की इस गलती को केंद्र सरकार ने सही करने को कहा और साथ ही यह भी कहा कि वो अपना इस्तीफा सीधे राष्ट्रपति को भेजें. लेकिन कृष्णमूर्ति की ओर से इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया.

कृष्णमूर्ति के इस रवैये को देखते हुए मंत्रालय ने इस संबंध में कानून मंत्रालय से राय मांगी थी. कानून मंत्रालय ने सलाह दी है कि कृष्णमूर्ति को उनके पद से हटाया जा सकता है.

First published: 20 June 2016, 17:15 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी