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कश्मीर: अलगाववादियों ने 25 जुलाई तक बढ़ाया बंद, विधायकों से साथ देने की अपील

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2016, 13:23 IST
(कैच न्यूज)

जम्मू-कश्मीर में पिछले दो हफ्ते से जारी तनाव के बीच मरने वालों की तादाद 46 पहुंच गई है, इस बीच कश्मीर के अलगाववादी नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पार्टी के विधायक और राजनेताओं से मुख्यधारा शिविर को त्याग कर चल रहे जन आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा है.

बयान के मुताबिक, "महबूबा मुफ्ती नाकाम रही हैं, उसी तरह 2010 में उमर अब्दुल्ला रहे थे और चूंकि महबूबा मानव जीवन के नुकसान को नहीं रोक सकती हैं, उसके विधायकों को उन्हें छोड़कर उनके लोगों के पास वापस आ जाना चाहिए. इस तरह की क्रूर हत्याओं की लाल रेखा राजनीतिक और वैचारिक मतभेद का प्रतीक है."

वहीं हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीर वाइज उमर फारूक के अलावा मोहम्मद यासीन मलिक ने संयुक्त बयान जारी कर कश्मीर में हड़ताल और बंद की समय सीमा 25 जुलाई तक बढ़ाने का एलान किया.

इस बीच जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में कानून-व्यवस्था के हालात पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है. हालांकि, उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अली मुहम्मद सागर ने कहा, "किसी भरोसेमंद, प्रभावी और मानवीय नेतृत्व की अनुपस्थिति में सर्वदलीय बैठक बुलाना एक व्यर्थ और बेमतलब कवायद है."

सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला उस वक्त किया गया है जब 12 दिन पहले हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हुई थीं. इस हिंसा में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है.

First published: 21 July 2016, 13:23 IST
 
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