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जुर्माना नहीं दूंगा, जेल भले चला जाऊं: श्री श्री रविशंकर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 March 2016, 15:21 IST

श्री श्री रविशंकर के 11 से 13 मार्च तक ‘वर्ल्ड कल्चर फ़ेस्टिवल’ को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा लगाए पांच करोड़ के जुर्माने से संतुष्ट नहीं हैं.

श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे और आर्ट ऑफ लिविंग ने कुछ गलत ही नहीं किया है तो हम जुर्माना क्यों देंगे. हम जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन जुर्माना नहीं भरेंगे.

एनजीटी ने कल दिये अपने आदेश में कहा था कि कार्यक्रम प्रायोजक आर्ट ऑफ लीविंग पहले यमुना नदी के कछार और पर्यावरण के नुकसान की भरपाई के लिए पांच करोड़ रुपए का जुर्माना अदा करें, उसके बाद इस कार्यक्रम को करें.

इसके अलावा एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग को यमुना के कछार को बायोडाइवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने का भी आदेश दिया था.

एनजीटी के इस फैसले से असंतुष्ट श्री श्री रविशंकर ने एक ट्वीट कर बताया कि, 'हम इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं. हम अपील करेंगे. सत्यमेव जयते!. इसके अलाव श्री श्री ने दो अन्य ट्वीट में कहा कि हम इस कार्यक्रम से दिल्ली में जन्नत को उतारेंगे.

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गौरतलब है कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा 11 से 13 मार्च तक चलने वाले ‘वर्ल्ड कल्चर फ़ेस्टिवल’ शुरू से विवादों के घेरे में रहा है. इस कार्यक्रम में कई देशों से हज़ारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है.

इस कार्यक्रम के बारे में कहा जा रहा था कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इसमें शामिल होंगे. लेकिन विवादों के चलते ही राष्ट्रपति ने इसमें भाग लेने से मना कर दिया. प्रधानमंत्री मोदी के भी कार्यक्रम में भाग लेने पर संशय बना हुआ है.

इसके अलावा जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति राबर्ट राबर्ट मुगाबे ने भी कार्यक्रम में भाग लेने के पहले से तयशुदा इजाजत से हाथ पीछे खिंच लिए है.  

कार्यक्रम में सुरक्षा के इंतजाम को लेकर भी दिल्ली पुलिस के हाथपैर फुले हुए हैं. यहां तक कि फायर विभाग की तरफ से भी कार्यक्रम को परमीशन नहीं दी गई है.

सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को ज्यादा भीड़ होने की वजह से यहां गंभीर भगदड़ की आशंका भी बनी हुई है और किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में कार्यक्रम स्थल से लोगों के निकासी का कोआ भी पुख्ता इंतजाम नहीं है.

First published: 10 March 2016, 15:21 IST
 
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