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कर्नाटक में आयकर छापेमारी से राजनीतिक हड़कंप, कई मंत्रियों के घरों पर भी पड़ी रेड

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2019, 15:15 IST

आयकर (I-T) विभाग ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ जनता दल (सेकुलर) से जुड़े कई लोगों के खिलाफ बड़े पैमाने पर खोज और जब्ती अभियान शुरू किया है, जिसमें माइनर सिंचाई मंत्री सी. पुत्तराराजू, मांड्या में पार्टी के प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं. मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि जेडी (एस) और कांग्रेस के खिलाफ बदले की भावना से छापेमारी की जा रही है.

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा संस्थानों के दुरुपयोग' को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह विरोध प्रदर्शन शुरू करने की भी धमकी दी है. बुधवार देर रात पहली बार छापेमारी शुरू हुई जो कि जद (एस) से जुड़े एक व्यापारी पर थी.

द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार आई-टी की कार्रवाई ने जल्द ही कई स्थानों और ठिकानों को निशाना बनाया. सूत्रों ने कहा कि बेंगलुरु, मंड्या, मैसूरु और हासन में 20 से अधिक स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा के साथ I-T छापे चलाए जा रहे हैं.

पीडब्ल्यूडी मंत्री और मुख्यमंत्री के भाई एच. डी रेवन्ना के तीन करीबी सहयोगियों पर हसन में पर भी छापा मारा गया था. I-T अधिकारी हसन में PWD कार्यालय में तलाशी अभियान चला रहे थे. चिनयालुरि, मांड्या में पुत्तराराज निवास के अलावा, मैसूरु में उनके रिश्तेदारों सहित उनसे जुड़े कई परिसरों पर छापे मारे जा रहे हैं. यह पुष्टि की गई है कि एक एमएलसी और पार्टी के राज्यसभा सदस्य के घर पर छापे पड़े थे.

पुत्तराराजू ने मीडियाकर्मियों को बताया कि छापे भाजपा द्वारा राजनीति से प्रेरित थे. उन्होंने कहा "भाजपा नेता ऐसे नेताओं को शॉर्टलिस्ट कर रहे थे, जिन पर आईटी विभाग द्वारा छापा मारा जाना चाहिए. कुछ भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी है. कर्नाटक में आईटी प्रमुख भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एजेंट हैं. भाजपा ने स्वतंत्र उम्मीदवार सुमलता अंबरीशकी मदद करने के लिए मुझ पर छापा मारा है."

जद (एस) के कार्यकर्ताओं ने मांड्या में राजमार्ग को अवरुद्ध करके आई-टी छापे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया. रिपोर्ट के अनुसार जद (एस) के सूत्रों ने कहा कि उनके पास बुधवार को रिपोर्ट थी कि मंड्या के सभी तीन प्रमुख मंत्री - सी.एस. पुत्तराराजू, एस.आर. महेश और डी. सी. तम्मन्ना पर छापा मारा जा सकता है.

आरोप लगाया जा रहा है कि आई-टी छापे राजनीति से प्रेरित थे, लोक निर्माण मंत्री एच.डी. रेवन्ना ने कहा कि छापे से जेडी (एस) को अपना वोट शेयर बढ़ाने में फायदा होगा. उन्होंने कहा ''हमें इन छापों के कारण 10% अधिक वोट मिलेंगे.” मंत्री ने कहा कि यदि कुछ गलत होता तो वह छापे के खिलाफ नहीं थे. उन्होंने कहा “मैं इस तरह के छापे से डरता नहीं हूं. यह पहले से ही तय था. आई-टी अधिकारी बी.आर. बालकृष्ण बीजेपी के एजेंट हैं. वह भाजपा के सेवक के रूप में काम कर रहे हैं.

पुत्तराराजू ने मीडियाकर्मियों को बताया कि छापे भाजपा द्वारा राजनीति से प्रेरित थे. उन्होंने कहा "भाजपा नेता ऐसे नेताओं को शॉर्टलिस्ट कर रहे थे, जिन पर आईटी विभाग द्वारा छापा मारा जाना चाहिए. कुछ भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी है. कर्नाटक में आईटी प्रमुख भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एजेंट हैं. भाजपा ने स्वतंत्र उम्मीदवार सुमलता अंबरीशकी मदद करने के लिए मुझ पर छापा मारा है."

जद (एस) के कार्यकर्ताओं ने मांड्या में राजमार्ग को अवरुद्ध करके आई-टी छापे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया. रिपोर्ट के अनुसार जद (एस) के सूत्रों ने कहा कि उनके पास बुधवार को रिपोर्ट थी कि मंड्या के सभी तीन प्रमुख मंत्री - सी.एस. पुत्तराराजू, एस.आर. महेश और डी. सी. तम्मन्ना पर छापा मारा जा सकता है.

आरोप लगाया जा रहा है कि आई-टी छापे राजनीति से प्रेरित थे, लोक निर्माण मंत्री एच.डी. रेवन्ना ने कहा कि छापे से जेडी (एस) को अपना वोट शेयर बढ़ाने में फायदा होगा. उन्होंने कहा ''हमें इन छापों के कारण 10% अधिक वोट मिलेंगे.” मंत्री ने कहा कि यदि कुछ गलत होता तो वह छापे के खिलाफ नहीं थे. उन्होंने कहा “मैं इस तरह के छापे से डरता नहीं हूं. यह पहले से ही तय था. आई-टी अधिकारी बी.आर. बालकृष्ण बीजेपी के एजेंट हैं. वह भाजपा के सेवक के रूप में काम कर रहे हैं.

First published: 28 March 2019, 15:11 IST
 
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