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प्रशांत और योगेन्द्र पर मानहानि का मुकदमा करूंगा: वरुण गांधी

सुहास मुंशी | Updated on: 22 October 2016, 7:23 IST
QUICK PILL
  • सी एडमंड्स एलन का दावा है कि विवादित हथियार डीलर अभिषेक वर्मा ने भाजपा सांसद को ब्लैकमेलकर डिफेन्स सीक्रेट हासिल कर लिए थे.
  • वरुण एक दफा रक्षा सलाहकार समिति में थे और उन्हें कथिततौर पर ब्लैकमेल करते हुए गोपनीय दस्तावेज लीक कराए गए थे. 

अमरीकी व्हिसल ब्लोवर सी एडमंड्स एलन ने जो आरोप भाजपा सांसद वरुण गांधी पर लगाए हैं, उससे वरुण की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अगर उनके दावे में सच्चाई हुई तो वरुण का राजनीतिक करियर भी चौपट हो सकता है. 

सी एडमंड्स एलन, जो अमरीकी वकील भी हैं, ने दावा किया है कि उनके बिजनेस पार्टनर और विवादित हथियार डीलर अभिषेक वर्मा ने भाजपा सांसद को ब्लैकमेल किया था और उनसे डिफेन्स सीक्रेट हासिल कर लिए थे.

एडमंड्स ने इस बारे में प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को पत्र भी लिखा है और दावा किया है कि वर्मा ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई जानकारियां लीक की. यह जानकारियां उन्हें वरुण गांधी से मिलीं. वरुण एक दफा रक्षा सलाहकार समिति में थे और उन्हें ब्लैकमेल करते हुए दस्तावेज लीक कराए गए थे. 

एलन का दावा है कि वर्मा को विदेशी एस्कॉर्ट महिलाओं तथा वेश्याओं के साथ खिंचीं वरुण की फोटो के जरिए ब्लैकमेल किया गया. उन पर गोपनीय रक्षा जानकारियां लीक करने का दबाव डाला गया और वह जानकारियां विदेशी फर्मों को दी गईं. हालांकि वरुण गांधी ने साफतौर पर इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि अगर इसमें एक फीसदी भी सच्चाई निकली तो वह राजनीति छोड़ देंगे. 

यह आरोप ऐसे समय आए हैं जब उप्र में चुनाव होने में कुछ ही महीने बाकी हैं और उनकी पार्टी इस राज्य में चुनाव जीतने के लिए जोर-शोर से अभियान चला रही है. अफवाहें पहले से चलना शुरू हो गईं हैं कि पार्टी के भीतर वरुण का कद छोटा किया जा रहा है. इस आरोप से तो उनका कद कम करने की कोशिशें और भी तेज हो जाएंगी.  उनका नाम भाजपा के सीएम फेस के लिए भी चर्चाओं में है.

इंटरव्यू

कैच न्यूज से बातचीत में वरुण गांधी ने एलन के पत्र, जिसे स्वराज अभियान के नेताओं प्रशान्त भूषण और योगेन्द्र यादव ने गुरुवार को राजधानी में जारी किया है, उस पर खुलकर बात की.

सुहास मुंशीः क्या आपने आर्म्स डीलर को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां लीक कीं?

वरुण गांधीः  पहली बात तो यह कि प्रशान्त भूषण और योगेन्द्र यादव ने अपने दावे के बारे में एक भी सबूत नहीं दिया है. अमरीकी वकील का जो पत्र उन्होंने पढ़ा है, उस पत्र में भी अमरीकी वकील ने अपने दावों के सम्बंध में कोई सबूत नहीं दिया है.

इन कमेटियों में महत्वपूर्ण मामलों में चर्चा ही नहीं की जाती. ऐसे में कुछ भी लीक करने का सवाल ही नहीं होता.

दूसरा बिन्दु यह कि मैं बेशक़ रक्षा सलाहकार समिति में था लेकिन इन समितियों में किसी भी गोपनीय जानकारी पर विचार-विमर्श नहीं होता. देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर इस तरह की कमेटियों या किसी भी संसदीय कमेटी में चर्चा नहीं होती है. ऐसे में मैं किसी भी बाहरी व्यक्ति को कोई गोपनीय जानकारी कैसे दे सकता हूं?

सुहास मुंशीः लेकिन क्या आप अभिषक वर्मा को नहीं जानते हैं?

वरुण गांधीः मैं आखिरी बार वर्मा से तब मिला था, तब मेरी उम्र 22 या 23 साल की रही होगी. अब मैं 37 साल का होने जा रहा हूं. लगभग 15 साल गुजर गए हैं उनसे मिले हुए. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैं उन्हें नहीं जानता. और यह भी एक वजह है कि मैं अभिषेक को कैसे जानता हूं. मेरी पृष्ठभूमि राजनीतिक परिवार की है. ऐसे में उन्हें सामान्य तौर पर ही जानता हूं. लेकिन जब से मैं सार्वजनिक जीवन में आया हूं, उनसे एक बार भी नहीं मिला. 

सुहास मुंशीः जानकारी बिना मिले भी दी जा सकती है?

वरुण गांधीः लेकिन मैंने किस तरह से उनसे संपर्क नहीं किया. चिट्ठी-पत्री से या ई-मेल से, कुछ भी तो होना चाहिए. मैं कथित रूप से किसे गोपनीय जानकारियां दे रहा हूं, यह भी तो होना चाहिए? क्या इस तरह के किसी ई-मेल या मैसेज की श्रृंखला भूषण या यादव के पास उपलब्ध है.

सुहास मुंशीः उन फोटोग्राफ्स और उन –हैनी ट्रेप- के बारे में क्या कहेंगे, जिसके बारे में वे दावा कर रहे हैं कि वर्मा आपको ब्लैकमेल कर रहे थे?

वरुण गांधीः  इन फोटोग्राफ्स को देखिए, इन दिनों किसी भी कम्प्यूटर पर इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. अगर यह सब उनके पास था तो उन्होंने पहले रिलीज क्यों नहीं किया. अगर आपको मेरी फोटो किसी लड़की के साथ मिलती है तो इससे क्या साबित होता है? हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि इस तरह की फोटो कब खींची गई. ईश्वर के नाम पर बताएंगे कि क्या उनके पास कुछ वीडियो हैं?

सुहास मुंशीः सभी आरोप फर्ज़ी हैं तो क्या आप प्रशांत और योगेंद्र को कोर्ट में नहीं ले जाएंगे?

वरुण गांधीः मैं भी यह बात अच्छी तरह समझता हूं. उन्होंने मेरा नाम इसलिए नहीं लिया है क्योंकि उन्हें डर है कि मैं उन्हें कोर्ट में ले जाऊंगा. लेकिन उन्होंने निश्चित रूप से मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं. मुझे बदनाम किया है, मैं उन्हें कोर्ट में खीचूंगा.

सुहास मुंशीः ये आरोप कहीं आपके राजनीतिक करियर को नुकसान तो नहीं पहुंचाएंगे?

वरुण गांधीः आप ऐसा सोच सकते हैं. यह कहानी भूषण और यादव की प्रेस कांफ्रेंस के आधार पर है. यह मेरे करियर को कैसे नुकसान पहुंचाएगी? मैं उप्र में निष्पक्ष और निष्कपट लोकप्रिय नेता हूं जिसने जमीनी स्तर पर ढेर सारा काम किया है. मेरे करियर पर अब तक कोई दाग नहीं लगा है. मैं नहीं सोचता कि ऐसे आधारहीन आरोप मुझे जरा सा भी नुकसान पहुंचा पाएंगे.

First published: 22 October 2016, 7:23 IST
 
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