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क्या ज़िंदा हैं एएन-32 के यात्री ? मलबे वाली जगह वायुसेना ने उतारी टीम

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 June 2019, 15:23 IST

भारतीय वायु सेना ने बुधवार को अरुणाचल में उस जगह आठ से 10 कर्मियों को छोड़ा है जहां एन -32 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. एएलएच और एमआई -17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनास्थल के पास उतरे, जहां से खोजकर्ता उस जगह पर जाएंगे, जहां मंगलवार को विमान का मलबा मिला था. वायुसेना ने मंगलवार को कहा कि दुर्घटना स्थल लिपो के उत्तर में 16 किलोमीटर, टेटो के उत्तर में 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.

विमान से मलबे को खोज अभियान के लिए तैनात IAF Mi-17 हेलीकॉप्टर द्वारा खोजा गया था. टीम बुधवार स्थिति स्थापित करने और बचे लोगों को स्थापित करने का प्रयास करेगी. IAF के प्रवक्ता विंग कमांडर रत्नाकर सिंह ने मंगलवार को कहा था कि वे जीवित बचे लोगों और अन्य चीजों की तलाश करेंगे" . दोपहर करीब 12.30 बजे असम के जोरहाट बेस से उड़ान भरने के बाद 3 जून को एन -32 गायब हो गया था. दोपहर करीब 1 बजे इसका जमीनी अमले से संपर्क टूट गया.

यह शि ओमी जिले के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड में दोपहर 1.30 बजे पहुंचने वाला था. विमान में 13 लोग सवार थे. सियांग के डिप्टी कमिश्नर राजीव ताकुक ने अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "यह एक बहुत ही कठिन क्षेत्र है जहां कोई संचार या निवास नहीं है. यह 100 प्रतिशत पहाड़ी है और खड्डों और घाटियों से युक्त है. उस क्षेत्र में जहां मलबे को देखा गया है, तक पहुंचने के लिए तीन दिन ट्रेकिंग में लग गए.

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इस विमान की खोज में वायुसेना ने दो MI-17 हेलिकॉप्टर, C-130 J और AN-32 विमान तैनात किये थे. वहीं थल सेना ने अत्याधुनिक हल्के हेलिकॉप्टर को खोजी अभियान में लगाया था. पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल आर.डी. माथुर इस पूरे तलाशी व बचाव अभियान की देखरेख कर रहे थे.

 

First published: 12 June 2019, 15:04 IST
 
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