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IAF अपने सुखोई फाइटर विमानों को इजरायली स्पाइस-2000 बमों से लैस करने की तैयारी में

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 March 2019, 16:25 IST

भारतीय वायु सेना अपने एसयू -30 एमकेआई को इजरायली स्पाइस -2000 लेजर-गाइडेड बमों से लैस करने की प्रक्रिया में है. इसे फाइटर जेट्स को और अधिक शक्तिशाली बनाने के प्रयास के तहत देखा जा रहा है.
वर्तमान में भारतीय वायुसेना के मिराज -2000 SPICE-2000 बमों से लैस हैं और इन विमानों का उपयोग हाल ही में पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकी संगठन के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर प्री-डॉन हमले में किया गया था.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा, "भारतीय वायुसेना एसयू -30 एमकेआई को इजरायली स्पाइस-2000 बमों से लैस करने की प्रक्रिया में है, ताकि फाइटर जेट्स को अधिक शक्तिशाली बनाया जा सके." भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में बढ़े तनाव के बीच यह कदम उठाया गया है.

26 फरवरी को जारी एक बयान में विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि भारत ने बालाकोट में जेएमएम के शिविर पर हमला किया और बहुत बड़ी संख्या में जेएम आतंकवादियों, प्रशिक्षकों, वरिष्ठ कमांडरों और जिहादियों के समूहों को, जिन्हें फिदायीन कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था, समाप्त कर दिया गया है.

हवाई हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया था, जिसमें नई दिल्ली ने कहा था कि यह कदम "गैर-सैन्य और पूर्वव्यापी स्ट्राइक" था.

ये है वो इजराइली बम जिसे भारतीय वायुसेना ने बरसाया जैश के आतंकी ठिकानों पर

दुनिया भर में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायु सेना के हमले की खबर के रूप में, मिराज 2000 जेट विमानों को लेकर तरह तरह के हथियारों पर अटकलें शुरू हो गई हैं. शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना ने लेजर-निर्देशित बमों का इस्तेमाल किया. विशिष्ट लेजर-निर्देशित बमों की अधिकतम सीमा लगभग 15 किमी होती है, जो दुश्मन के फाइटर जेट्स और एयर डिफेंस को ध्वस्त कर सकते हैं. भारतीय वायु सेना को इजरायली स्पाइस बम किट संचालित करने के लिए जाना जाता है.

स्पाइस: इजरायल निर्मित स्पाइस (स्मार्ट सटीक प्रभाव और लागत प्रभावी) बम सबसे बड़ा बम है, जिसका इस्तेमाल भारतीय वायु सेना करती है. इजरायल की फर्म राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा निर्मित, 2000-पौंड सटीक निर्देशित बमों का उपयोग फ्रांसीसी मूल के मिराज 2000 सेनानियों पर किया जाता है.

एक सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू दुश्मन के कवच और कर्मियों की एकाग्रता को नष्ट करने के लिए 550-एलबी वर्ग के 26 बम ले जा सकता है. जबकि चीन की आर्मी के पास 500 पाउंड से लेकर 3,000-एलबी वर्ग तक के पारंपरिक बम हैं. इनमें से अधिकांश सामान्य प्रयोजन बम चीन के उत्तर उद्योग निगम द्वारा विकसित किए गए हैं.

First published: 6 March 2019, 16:13 IST
 
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