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दलित शब्द अपमानजनक नहीं, बैन लगा तो SC जाएंगे मोदी के मंत्री रामदास अठावले

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2018, 8:02 IST
(File Photo)

दलित शब्द के इस्तेमाल पर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ के बैन लगाने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी मीडिया को दलित शब्द के इस्तेमाल से बचने के निर्देश दिए. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक एडवाइसरी जारी की जिसमे मीडिया को ये निर्देशित किया गया है कि वो दलित शब्द की जगह अनुसूचित जाति लिखें.

इस एडवाइसरी का मोदी सरकार के केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने विरोध किया है. उन्होंने कहा कि दलित शब्द किसी समुदाय के लिए अपमानजनक नहीं है. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि अगर इस शब्द पर बैन लगाया जाएगा तो वो देश के सर्वोच्च न्यायालय तक जाएगी. अठावले के मुताबिक दलित शब्द के इस्तेमाल में कोई गड़बड़ी नहीं है.

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बीजेपी के ये पहले मंत्री नहीं है जिन्होंने इस एडवाइसरी का विरोध किया है. इससे पहले भी बीजेपी के सांसद उदित राज ने इसके विरोध में कहा, ''दलित का मतलब ही है शेड्यू्ल कास्ट. आगे उन्होंने कहा, "इस पर रोक नहीं लगना चाहिये. लोगों की स्वेच्छा पर छोड़ देना चाहिये. ये शब्द समुदाय की एकता को संबोधित करता है. इससे कोई फायदा नहीं होगा. ये शब्द संघर्ष का प्रतीक बन गया है. इस पर कोई बाध्यता नहीं होनी चाहिये."

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गौरतलब है कि पंकज मेश्राम की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने दलित शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पालन कराने का आदेश दिया था. याचिकाकर्ता की दलील थी की दलित शब्द का प्रयोग संविधान में नहीं किया गया है इसलिए इसके प्रयोग को बंद किया जाना चाहिए.

First published: 6 September 2018, 8:02 IST
 
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