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सावधान: अगर चालान की ज्यादा रकम देख गाड़ी छोड़कर भागे तो देनी पड़ सकती है दोगुनी पेनाल्टी

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 September 2019, 15:10 IST

1 सितंबर से लागू हुए नए मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन करना लोगों को भारी पड़ रहा है. कागजात नहीं पाए जाने पर एक स्कूटी का 23 हजार का चालान काट दिया गया. वहीं, अलग-अलग मामलों में साढ़े 32 हजार से लेकर 10 हजार तक का चालान काटा जा चुका है. इसे लेकर लोग सोशल मीडिया पर मजाक भी बना रहे हैं.

दिल्ली के एक व्यक्ति की स्कूटी की कीमत 15 हज़ार थी. उनका चालान कटा 23 हज़ार रुपये का. उन्हें यह चालान देना भी पड़ा. ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि चालान की रकम ज्यादा है और आपके गाड़ी की कीमत कम तो वाहन छोड़कर आप बच जाएंगे. अधिकारी ने बताया कि उल्टे वाहन जब्त होने पर तय समय सीमा के बाद आपको और भी ज्यादा रकम देनी पड़ेगी.

ट्रैफिक इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने न्यूज 18 को बताया कि अगर गाड़ी की कीमत से ज्यादा आपका चालान है तो इस केस में ट्रैफिक पुलिस को अधिकार है कि वह मामले को कोर्ट में भेज सकता है. इसके बाद कोर्ट जब्त वाहन को नीलाम करने की अनुमति देगी. इस नीलामी की रकम सरकारी खाते में जाएगी. नियम तोड़ने पर वाहन चालक को कोर्ट में बुलाया जाएगा. नियम तोड़ने के अनुसार, उसे सजा दी जाएगी.

अलग-अलग राज्यों के चालान की रकम जमा कराने और जब्त हुए वाहन को छुड़ाने के अलग-अलग नियम हैं. अगर यूपी में आपका चालान होता है तो उस दिन से 7 दिन के अंदर आप सीओ ट्रैफिक के ऑफिस में जाकर चालान जमा कर सकते हैं. अगर आपने ऐसा नहीं किया तो 7 दिन के बाद आपका चालान कोर्ट में भेज दिया जाएगा.

इसके बाद कोर्ट में आपको महीने भर के भीतर चालान रकम जमा करनी होगी. कोर्ट समय से चालान जमा न करने और पुलिस को सहयोग न करने पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगा सकता है. यह कोर्ट पर निर्भर करेगा कि वह आप पर कितना जुर्माना लगाता है.

बता दें कि हाल ही में नया मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 लोकसभा और राज्यसभा में पास हुआ है. एक सितंबर से सरकार ने इसे प्रभावी कर दिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस बाबत कहा है कि मोटर व्हीकल एक्ट में नई पेनाल्टी से नियमों का उल्लंघन करने वालों में डर पैदा होगा.

जानिए कितना है चालान?

ड्राइविंग लाइसेंस नहीं – 5 हज़ार रुपये

गाड़ी की आरसी नहीं  – 5 हज़ार रुपये

गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं –  2 हज़ार रुपये

प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं  – 10 हज़ार रुपये

हेलमेट नहीं या उतारकर रखे हैं – 1 हज़ार रुपये

First published: 4 September 2019, 15:10 IST
 
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