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कहीं आपने अपने आधार पर लैमिनेशन तो नहीं किया, UIDAI ने जारी की ये चेतवानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 February 2018, 17:55 IST

बीते दिनों आधार से लोगों की निजी जानकारी लीक होने के बाद यूआईडीएआई का कहना है कि आधार कार्ड पर अब आपको लैमिनेशन करना महंगा पड़ सकता है. यूआईडीएआई का मानना है कि ऐसा करने से आपकी निजी जानकारी लीक होने का खतरा है.

एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसा करने पर आपके आधार का क्यूआर कोड काम करना बंद कर देगा. यूआईडीएआई का कहना है कि आधार स्मार्ट कार्ड्स की प्रिटिंग पूरी तरह से गैर-जरूरी है.

यूआईडीएआई ने कहा 'प्लास्टिक या पीवीसी आधार स्मार्ट कार्ड्स अकसर गैर-जरूरी होते हैं. इसकी वजह यह होती है कि क्विक रेस्पॉन्स कोड आमतौर पर काम करना बंद कर देता है। इस तरह की गैर-अधिकृत प्रिंटिंग से क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है.' हालांकि आधार का कोई एक हिस्सा या मोबाइल आधार पूरी तरह से वैलिड है.

एक बयान में यह भी कहा गया है कि प्लास्टिक से 'आप की मंजूरी के बिना ही गलत तत्वों तक आपकी निजी जानकारी साझा होने का डर बढ़ जाता है. 'यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि 'प्लास्टिक का आधार स्मार्ट कार्ड पूरी तरह से गैर-जरूरी और व्यर्थ है. जबकि सामान्य कागज पर डाउनलोड किया गया आधार कार्ड या फिर मोबाइल आधार कार्ड पूरी तरह से वैध है.

पांडे UIDAI के सीईओ पांडे ने कहा कि 'स्मार्ट या प्लास्टिक आधार कार्ड का कोई कॉन्सेप्ट ही नहीं है.' यही नहीं उन्होंने लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति से आधार नंबर साझा नहीं करना चाहिए'.

यूआईडीएआई ने अब आधार कार्ड्स की डिटेल जुटाने वाली अनाधिकृत एजेंसियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि आधार कार्ड की जानकारी हासिल करना या प्रिटिंग करना दंडनीय अपराध है.

First published: 6 February 2018, 17:55 IST
 
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