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आईआईटी-मद्रास के छात्रों ने निकाली जेएनयू के समर्थन में रैली

सिबी आरसू | Updated on: 25 February 2016, 0:09 IST

आईआईटी मद्रास के छात्रों और टीचरों ने जेएनयू के छात्रों और टीचरों के समर्थन में रैली निकाली. इस रैली में करीब 200 छात्र और टीचर शामिल हुए.

रैली में शामिल छात्रों के अनुसार वो असहमति के अधिकार और कुछ छात्रों के "विच हिंट" का विरोध कर रहे हैं.

मानविकी और समाज विज्ञान विभाग की प्रोफेसर सोनिका गुप्ता ने रैली के बाद छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने कहा, "आजकल जो कुछ हो रहा है उसे समझना मुश्किल है. किसी को डराना नहीं चाहिए, न ही किसी को निशाना बनाना चाहिए."

उन्होंने आगे कहा, "ये वक्त सामूहिक रूप से अपनी राजनीति जाहिर करने का है. मुझे इस रैली में शामिल होकर खुशी है."

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आईआईटी-मद्रास के कुछ टीचरों ने जेएनयू विवाद पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा था.इस पत्र में उच्च शिक्षा के संस्थानों को 'युद्ध भूमि' में बदलने जाने पर चिंता जाहिर की गई थी. इस पत्र पर संस्थान के 56 टीचरों के हस्ताक्षर थे.

छात्रों और टीचरों की रैली के दौरान यूनिवर्सिटी के सुरक्षाकर्मी भारी संख्या में मौजूद थे. एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि मीडिया वालों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है.

यूनिवर्सिटी के सुरक्षा प्रमुख छात्रों को नारे न लगाने और ड्रम न बजाने का अनुरोध कर रहे थे. हालांकि छात्रों ने उनकी बात नहीं मानी. छात्रों ने जेएनयू और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रों के समर्थन में नारे लगाए.

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22 वर्षीय एरॉन एंटोनी ने आईआटी-मद्रास के छात्र है. उन्होंने कहा, "ये रैली किसी संगठन द्वारा नहीं निकाली जा रही है. बस कुछ छात्र और टीचर हैं जो अपनी राय रखना चाहते हैं."

एंटोनी ने कहा, "असहमति के अधिकार के पक्ष में इतने लोगों का आना दिल छू लेने वाला है."

संस्थान के कई छात्र इस रैली से असहमत भी थे. नाम न बताने की शर्त पर एक छात्र ने कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि जब पूरी बात नहीं पता है फिर भी ये लोग बोलते क्यों हैं? ये लोग कैंपस में हमेशा गड़बड़ी करते हैं."

रैली से पहले संस्थान में एक चर्चा का भी आयोजन किया गया था. जिसका शीर्षक था, "विश्वविद्यालय की परिकल्पना." चर्चा के बाद ही रैली की शुरुआत हुई.

First published: 25 February 2016, 0:09 IST
 
सिबी आरसू @CatchHindi

चेन्नई स्थित स्वतंत्र पत्रकार

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