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आईआईटियन दे रहा था वेबसाइट पर PM मोदी के नाम से फ्री लैपटॉप का ऑफर, गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 June 2019, 10:55 IST

एक आईआईटी पोस्ट-ग्रेजुएट को राजस्थान से 'प्रधानमंत्री मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना -2019' नाम की एक फर्जी वेबसाइट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में वेबसाइट ट्रैफिक से पैसा कमाने के साथ-साथ लोगों के निजी डेटा का दुरुपयोग किया जा रहा था. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त पीआरओ, दिल्ली पुलिस, अनिल मित्तल ने कहा "दिल्ली पुलिस साइबर सेल की एक टीम शनिवार को राजस्थान के नागौर पहुंची और आरोपी राकेश को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया.

आरोपी 2019 बैच का आईआईटी पोस्ट ग्रेजुएट है." पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, राकेश ने खुलासा किया कि उसने वेबसाइट ट्रैफिक से विज्ञापन राजस्व अर्जित करने के लिए वेबसाइट बनाई थी. वह लाखों लोगों के व्यक्तिगत डेटा पर कब्जा करना था, जो बाद में विभिन्न साइबर अपराधियों दिया जाना था. राकेश ने Google Adsense का उपयोग किया था, एक ऐसा कार्यक्रम जो ब्लॉगर्स और वेबसाइट मालिकों को Google विज्ञापन प्रदर्शित करके पैसा बनाने की अनुमति देता है. Adsense प्रकाशकों को क्लिक लागत का 68 प्रतिशत प्राप्त होता है और Google शेष 32 प्रतिशत कमीशन के रूप में लेता है.

 

मित्तल ने कहा कि अब तक उनकी साइट 1.52 मिलियन पेज व्यू और 68,000 से अधिक क्लिक प्राप्त करने में सफल रही. आरोपी ने अपनी फर्जी वेबसाइट को इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लीकेशन, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब का उपयोग करके फर्जी योजना की पेशकश का प्रचार किया और इसे व्हाट्सएप आदि पर वायरल कर दिया. साइबर सेल को कुछ दिनों पहले पीएमओ से एक शिकायतमिली थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई सरकार के गठन के अवसर पर किसी www.modi-laptop.wishguruji.com डोमेन द्वारा एक वेबसाइट बनाई गई है लाखों मुफ्त लैपटॉप के वितरण का वादा किया जा रहा है.

वेबसाइट पर message मेक इन इंडिया लोगो का उपयोग करके एक फर्जी मल्टीमीडिया संदेश, प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ वेबसाइट पर पोस्ट किया गया था, जिसमें विजिटर को 20 मिलियन पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को मुफ्त लैपटॉप का वादा करने के लिए खुद को पंजीकृत करने का लालच दिया गया था. इस वेबसाइट पर पंजीकरण के नाम पर व्यक्तिगत डेटा एकत्र किया जा रहा था.

First published: 3 June 2019, 10:55 IST
 
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