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तस्वीरें: बाढ़ के आगे बेबस बनारस, संगम नगरी में भी सैलाब का कहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 August 2016, 11:23 IST
(पत्रिका)

भारी बारिश और बाढ़ से उत्तर प्रदेश के वाराणसी और इलाहाबाद में बुरा हाल है. भारी बारिश और बाढ़ की वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के जिलों में गंगा खतरे के निशान से काफी ऊपर है.

पीएम नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी की हालत बेहद खराब है. गंगा में इतना पानी भर चुका है कि ज्यादातर घाट डूब गए हैं. 25 अगस्त तक शहर के स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं.

गंगा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी में घाटों के ऊपर पानी है, 25 अगस्त तक स्कूल बंद हैं. (पत्रिका)

वाराणसी में गंगा का पानी घाट की तमाम सीढियों को डुबा चुका है. नदी के किनारे बने तमाम मंदिर पानी में डूब चुके हैं. हालत यह है कि गंगा का पानी सीढ़ियों को पार करते हुए अब ऊपर रास्ते तक पहुंच चुका है.

गंगा में बढ़ते पानी का ही असर है कि वरुणा नदी पर बना रेलवे का पुल धंस गया है. सोमवार को दिन भर एक ही ट्रैक से यहां गाड़ियां आई और गईं. रात भर इसके मरम्मत का काम हुआ.

गाजीपुर जिले में जिलाधिकारी दफ्तर के अंदर घुसा बाढ़ का पानी. (पत्रिका)

इलाहाबाद में भी ऐसा ही हाल है. भारी बारिश और बाढ़ के कहर से जूझती संगम नगरी में सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. वाराणसी और इलाहाबाद के अलावा बलिया जिले का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है. गाजीपुर भी बाढ़ के कहर से अछूता नहीं है. जिले के दो सौ से ज्यादा गांव बाढ़ में डूबे हुए हैं.

गाजीपुर में गंगा अब तक के सबसे उच्चतम स्तर को पार करने से आधा मीटर कम रह गई है. (पत्रिका)

संगम नगरी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का निकलना दूभर है. वहीं, कछार के कई गांवों में हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं.

मध्य प्रदेश के सतना, रीवा जैसे सरहदी जिलों में तेज बारिश के चलते वहां का पानी आने से हालात और बिगड़ रहे हैं.

इलाहाबाद में बाढ़ से हाईकोर्ट का काम भी प्रभावित हुआ है. (पत्रिका)

इलाहाबाद में गंगा-यमुना में आई बाढ़ से हाईकोर्ट का कामकाज भी प्रभावित रहा. बाढ़ की विभीषिका के चलते ज्यादातर वकील हाईकोर्ट नहीं पहुंच सके.

चीफ जस्टिस को जानकारी दी गई कि बाढ़ की वजह से शहर का अधिकांश हिस्सा जलमग्न है और वकील नहीं पहुंच पाए हैं. इस पर मुकदमों में प्रतिकूल आदेश पारित न करने का चीफ जस्टिस ने आश्वासन दिया है.

गंगा और यमुना का पानी इलाहाबाद शहर के कई मोहल्लों में घुस गया है. (पत्रिका)

गंगा-यमुना का पानी शहर के कई मोहल्लों में घुस गया है. इस कारण वहां रहने वाले वकील और उनका परिवार पानी में फंस गये हैं.

इलाहाबाद में बाढ़ की वजह से ज्यादातर वकील हाईकोर्ट नहीं पहुंच सके. (पत्रिका)

कई वकीलों के हाईकोर्ट न पहुंचने पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने मुख्य न्यायाधीश से बाढ़ की विभीषिका बतायी, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके न्यायालय में नो एडवर्स ऑर्डर रहेगा.

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा है कि न्यायालय में नो एडवर्स ऑर्डर रहेगा. (पत्रिका)

गंगा की बाढ़ का रौद्र रूप गाजीपुर में भी देखने को मिल रहा है. गंगा यहां खतरे के निशान को पार कर चुकी है. आधा गाजीपुर कस्बा और जिले का आधे से ज्यादा हिस्सा बाढ़ से प्रभावित है.

अब तक जिले में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं. ऐसे में जिला प्रशासन प्रभावित गांवों में से पचीस तटवर्ती गांवों को खाली करा रहा है.

वाराणसी में गंगा के घाट डूबे होने से दाह-संस्कार में भी मुश्किल हो रही है. (पत्रिका)

लोगों से अपील की जा रही है कि बाढ़ शिविर या सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. माता टीना बांध से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे तटवर्ती गांवों में और पानी बढ़ेगा.

रविवार को पांच लाख क्यूसेक पानी माताटीना बांध मध्य प्रदेश से छोड़ा गया है, जबकि एमपी के ही एक अन्य बांध से दो लाख क्यूसेक और पानी छोड़ा गया है.

First published: 23 August 2016, 11:23 IST
 
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