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गुजरात हाईकोर्ट के जज के खिलाफ 58 सांसदों ने दायर की महाभियोग याचिका

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 December 2015, 20:35 IST

गुजरात हाईकोर्ट में नियुक्त न्यायाधीश जेबी पारदीवाला के खिलाफ शुक्रवार को राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया. 58 राज्यसभा सांसदों ने हार्दिक पटेल मामले में आरक्षण के खिलाफ कथित "असंवैधानिक" टिप्पणियों के लिए जज के खिलाफ यह याचिका दायर की.

सांसदों का आरोप है कि हार्दिक पटेल के खिलाफ एक विशेष आपराधिक आवेदन पर फैसला देते हुए न्यायमूर्ति पारदीवाला ने यह बयान दिया था कि दो चीजों ने देश को या तो बर्बाद कर दिया है या उसे सही दिशा में आगे नहीं बढ़ने दे रही हैं. इनमें पहला आरक्षण और दूसरा भ्रष्टाचार है.

याचिका में कहा गया है कि न्यायाधीश ने यह भी कहा कि जब हमारा संविधान बनाया गया था तब समझा गया था कि आरक्षण 10 साल के लिए रहेगा, लेकिन दुर्भाग्य से, यह स्वतंत्रता के 65 साल बाद भी जारी है.

सांसदों ने कहा कि 10 वर्ष की समयसीमा राजनीतिक आरक्षण के लिए सुझाई गई थी जो केंद्रीय और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के लिए है, न कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में आरक्षण के संबंध में.

सांसदों की याचिका कहती है, ‘यह तकलीफदेह है कि न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संविधान में प्रस्तावित प्रावधानों से अनभिज्ञ हैं.’

सांसदों ने तर्क दिया है कि चुंकि न्यायाधीश ने ये टिप्पणियां न्यायिक कार्यवाही के दौरान की हैं और उन्हें न्यायिक दस्तावेजों में स्थान भी मिला है जो कि असंवैधानिक हैं, और भारत के संविधान के प्रति कदाचार के बराबर है. यह महाभियोग के लिए पर्याप्त आधार तैयार करती हैं.’’

न्यायाधीश को हटाने के लिए महाभियोग के नोटिस पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस के ऑस्कर फर्नांडीज, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के डी राजा, जनता दल यूनाईटेड के महासचिव केसी त्यागी समेत 58 सांसद शामिल हैं. 

गौरतलब है कि हार्दिक पटेल के खिलाफ अहमदाबाद पुलिस ने एफआईआर दाखिल की थी. उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज है. नवंबर में उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर एफआईआर खारिज करने की मांग की थी.

पढ़ें: आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का नजरिया दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है

First published: 18 December 2015, 20:35 IST
 
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